महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गांधी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए भारत बेहतर तरीके से काम कर सकता था। भारत ने एक अलग आर्थिक नीति का पालन किया, जो कि शहरों के प्रति किसानों के भारी शहरीकरण और पलायन का कारण बन रहा है।
उन्होंने रविवार को गुजरात विद्यापीठ के 101वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हिंदी में बात की।
गांधी ने देश की औद्योगिकीकरण और शहरीकरण को प्रोत्साहित करने वाली आर्थिक नीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि एक बड़ी आबादी के असंतोष के कारण और किसानों के बड़ी संख्या में शहरों की ओर पलायन होने के लिए मजबूर करने पर ही केवल कोविड-19 महामारी का प्रसार सहायक हुआ।
उन्होंने कहा कि जिसे हम उदारीकरण, निजीकरण, या वैश्वीकरण की आर्थिक नीति कहते हैं, वह एक बड़ी आबादी के असंतोष का कारण बनी न कि वैश्वीकरण की। आज शहरों में बढ़ रही आबादी ही कोविड-19 महामारी है।