प्रसिद्ध गीतकार गोपाल दास नीरज ने फिल्मों में गीत लिखे और जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। लेकिन इसके बाद भी फिल्मी दुनिया में उनका मन रमा नहीं। वह करीब छह साल तक मुंबई रहे। इसके बाद अलीगढ़ आ गए। इसके बाद भी कई बार माया नगरी में लोगों ने मुंबई आ जाने का आग्रह किया लेकिन इसके लिए वह तैयार नहीं हुए। वह यह भी कहते हैं कि जिन लोगों के साथ उन्होंने काम किया जब वही नहीं रहे तो अब वह मुंबई में बसकर क्या करेंगे।
नीरज ने अपने समय के प्रसिद्ध संगीतकार रोशन, एसडी बर्मन, शंकर जयकिशन आदि के साथ काम किया। इनके साथ नीरज के सुपरहिट गीत रहे। नीरज कहते थे कि रोशन की मौत हो चुकी। एसडी बर्मन मेरे बड़े आदरणीय थे। वह भी नहीं रहे।
शंकर जयकिशन, राजकपूर, गोल्डी (विजय आनंद) आदि सभी की मृत्यु हो गई। ऐेसे में जब ये लोग वहां नहीं हैं तो वह वहां पर जाकर क्या करेंगे। हालांकि टीवी चैनलों के बुलावे और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए वह मुंबई बदस्तूर जाते रहे। लेकिन वहां पर रहने के लिए वह कभी भी अपने मन को मना नहीं पाए।
नीरज यह भी बताते हैं कि एक वजह यह भी थी कि जिन संगीतकारों के लिए गीत लिखते थे वह कविता और उसके मिजाज को समझते थे। नए वक्त में संगीत ही मर रहा है तो गीतों को कौन सुन रहा है। अब संगीत पर शोर हावी हो गया है। लेकिन सकून की बात यह है कि मेरे गीत आज भी कानों में मिठास घोलते हैं।