कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच महाराष्ट्र से एक अच्छी खबर है। राज्य के सांगली जिले में 26 संक्रमितों में से 24 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। इनमें से 22 लोग तो अस्पताल से वापस घर भी लौट चुके हैं।
स्थानीय प्रशासन ने शुक्रवार को बताया कि सभी मरीज या तो इस्लामपुर में रहने वाले परिवार के सदस्य थे या फिर उनके संपर्क में आने वाले व्यक्ति थे। पश्चिमी महाराष्ट्र के जिले में ये सभी कोरोना वायरस के मरीज थे। जिला सिविल सर्जन डॉक्टर सीएस सालुखे ने बताया कि इनमें से 24 सदस्य जांच में दो बार नेगेटिव पाए गए हैं। इनकी सेहत में भी सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक एक परिवार के चार सदस्य 23 मार्च को सऊदी अरब से लौटने के बाद पॉजिटिव पाए गए थे। एक हफ्ते के भीतर ही इनके 21 अन्य रिश्तेदार या करीबी भी संक्रमित हो गए। इनमें एक दो साल का बच्चा भी था।
डॉक्टर सालुखे ने कहा, 'पांच अप्रैल को शुरुआत में संक्रमित होने वाले चार लोगों की जांच रिपोर्ट दो बार नेगेटिव पाई गई। इन्हें 14 दिन तक पृथकवास में रखा गया था।' उन्होंने बताया कि दूसरे और तीसरे समूह में पांच व तीन सदस्य थे, जिनके सैंपल भी नेगेटिव आए। हाल ही में 12 अन्य सदस्यों की जांच रिपोर्ट भी लगातार दो बार नेगेटिव आई।
उन्होंने कहा कि एक दंपती की जांच रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है, लेकिन अभी वे अस्पताल में ही हैं क्योंकि उनका दो साल का बेटा अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। इसलिए उन्हें अभी अस्पताल में ही रहना पड़ रहा है।
हालांकि जो लोग ठीक हो चुके हैं, उन्हें सामान्य जीवन में लौटने से पहले अभी कुछ दिन एकांतवास में रहना होगा। राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख और जल संसाधन मंत्री व स्थानीय विधायक जयंत पाटिल ने इस खबर की पहले ही घोषणा कर दी थी। उन्होंने मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों व नर्सों का शुक्रिया अदा किया।
देशमुख ने कहा कि ये मरीज मिराज मेडिकल कॉलेज में देखरेख में रखे गए थे। इनका दूसरा टेस्ट भी नेगेटिव आया है, जो एक बड़ी सफलता है। पाटिल ने भी कहा कि त्रीस्तरीय व्यवस्था की वजह से हम संक्रमण को फैलने से रोक पाए। इसके तहत हमने मरीजों को एकांतवास में भेजने के अलावा, संदिग्धों की पहचान और सामाजिक दूरी को अपनाया। हम इसे 'इस्लामपुर पैटर्न' कह रहे हैं। हालांकि उन्होंने जिले के लोगों को याद दिलाया कि लॉकडाउन अभी भी लगा हुआ है और हमें इसका पालन करते रहना होगा।