बंगाल के वित्तमंत्री और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर
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जीएसटी बैठक के बाद पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को चिट्ठी लिखी। चिट्ठी में पश्चिम बंगाल के मंत्री ने लिखा कि बैठक में उनकी आवाज और सुझावों को अनसुना किया गया। उनके मुताबिक उनकी आवाज नहीं सुनी गई। अमित मित्रा ने कहा कि इसी लिए चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में उन्होंने कहा कि कोरोना से जुड़े सामानों पर टैक्स नहीं लगना चाहिए, ये जनहित में नहीं है।
हालांकि इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि अमित मित्रा की आवाज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही बैठक में ठीक तरीके से नहीं आ रही थी। इस बारे में राजस्व सचिव ने कहा कि वो वीडियो बंद कर सिर्फ ऑडिया में बात करें, तो बेहतर रहेगा।
राजस्व सचिव ने कहा कि अमित मित्रा ने हमारी सलाह नहीं मानी और बाद में उनकी तरफ से आवाज आनी बंद हो गई। अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि आखिर में वित्त मंत्री ने सभी की बातें पूरी हो जाने के बाद कहा कि अगर कोई अपनी बात रखना चाहता है तो बोल सकता है लेकिन अमित मित्रा उस समय भी चुप रहे।
अनुराग ठाकुर का कहना है कि बैठक में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता, सभी को बातें रखने का समय मिलता है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संयम के साथ सभी की बातें सुनती हैं और किसी की बात को नहीं काटती हैं।
बता दें कि कोरोना वायरस से पीड़ितों के इलाज के दौरान खून के थक्के बनने की समस्या से निजात दिलाने वाली हीपैरिन जैसी दवाओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दर मौजूदा 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है। बैठक में कोविड-19 राहत और प्रबंधन में इस्तेमाल हो रही कई विशेष वस्तुओं पर जीएसटी दरों में 30 सितंबर, 2021 तक कटौती करने का एलान किया।