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कालेधन वालों के लिए सुनहरा अवसर, आय का स्रोत बताए बिना जमा करें रकम

Sun, 18 Dec 2016 09:47 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
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note - फोटो : ANI
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कर चोरी करने वालों के लिए सरकार एक और सुनहरा अवसर लेकर आई है। अघोषित आय का खुलासा करने के लिए उन्हें सिर्फ दो पन्नों का एक सरल फॉर्म भरना होगा जिसमें आय का स्रोत बताना भी जरूरी नहीं होगा।
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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत आय घोषित करने के लिए आपको उन बैंक खातों या डाकघर खाते का विवरण देना होगा जहां आपने 8 नवंबर यानी नोटबंदी के बाद नकदी जमा कराए हैं। हालांकि इस प्रक्रिया में आपको 50 प्रतिशत कर चुकाना होगा और अपनी गुप्त आय को सिस्टम में लाने के लिए यह एक अनिवार्य शर्त होगी। 

फॉर्म पर अघोषित आय की घोषणा करने वालों को दफ्तर और घर का पता, टेलीफोन नंबर, ईमेल और पैन जैसे व्यक्तिगत विवरण को भरना होगा। यह योजना पीएमजीकेवाई नियम-2016 के कराधान एवं निवेश के लिए जारी अधिसूचना के तहत शुरू की गई है।
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इसमें मुख्य आयुक्त या आयकर आयुक्त के समक्ष यह घोषणा इलेक्ट्रॉनिक तरीके से की जा सकती है जिस पर डिजिटल हस्ताक्षर या प्रिंट रूप में हस्ताक्षर होना चाहिए। आयकर विभाग इस महीने के अंत से 30 दिनों के अंदर आय घोषित करने वाले को एक सर्टिफिकेट जारी करेगा जिसमें एक उसकी आय घोषणा को वैध ठहराया जाएगा।
 
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अघोषित आय का एक चौथाई हिस्सा ब्याज रहित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण जमा योजना में

अधिसूचना के मुताबिक, अघोषित आय का 50 प्रतिशत कर चुकाने के बाद उस राशि का एक चौथाई हिस्सा ब्याज रहित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण जमा योजना, 2016 में चार वर्ष तक जमा करना होगा। यह रकम आय घोषित करने वाले की मृत्यु की स्थिति में सिर्फ उसके द्वारा नामित व्यक्ति या कानूनी वारिस को ही हस्तांतरित की जा सकती है।

इस योजना में पैन का जिक्र करना जरूरी है, लेकिन यदि आय घोषित करने वाले के पास पैन नहीं है तो उसे पैन कार्ड के लिए आवेदन करना होगा और इस आवेदन की प्राप्ति रसीद (एकनॉलेजमेंट) के साथ इसका ब्योरा देना होगा। इतना ही नहीं, इस योजना के तहत रकम जमा करने वाले बैंक द्वारा कोई कमीशन या बैंक शुल्क या सेवा शुल्क के नाम पर कोई राशि नहीं ली जाएगी। 

कालाधन रखने वालों के लिए आखिरी अवसर की पेशकश करते हुए सरकार ने 50 प्रतिशत कर चुकाने की यह योजना शुरू की है ताकि वे चलन से बाहर हुए 500 और 1000 रुपये के नोट बैंक में जमा करने का लाभ उठा सकें।

इस योजना के तहत कालेधन की घोषणा नहीं करने के बावजूद अपनी आय से कर चुकाने का दावा करने वालों को 77.25 प्रतिशत तक कर और जुर्माना चुकाना पड़ेगा। यदि इस योजना में आय का खुलासा नहीं किया जाता है और इसके बाद ऐसे लोग पकड़े जाते हैं तो उन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। 
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