3. ब्याज दरें और भू-राजनीतिक तनाव
साल भर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और मध्य-पूर्व में जारी तनाव ने निवेशकों को शेयर बाजार के जोखिम से हटाकर सोने की सुरक्षा की ओर मोड़ा।
अब 2026 में क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
दुनिया में किस देश के पास कितना सोना?
अगर पूरी दुनिया की बात की जाए तो इस वक्त अमेरिका के पास सबसे बड़ा गोल्ड रिजर्व है। उसके फेडरल रिजर्व में मौजूदा समय में इतना सोना मौजूद है, जितना उसके बाद के स्थानों मौजूद तीन देशों के पास कुल सोने से ज्यादा है। यानी जर्मनी, इटली, फ्रांस के लगभग बराबर है।
सोने की कीमतों को लेकर आगे क्या अनुमान?
अनुमान है कि कीमतें फिलहाल कम नहीं होंगी। विश्लेषकों और वैश्विक वित्तीय संस्थाओं के मुताबिक, 2026 में सोने की कीमतों में और अधिक उछाल आने की संभावना है।
- वॉल स्ट्रीट से जुड़ी कई फर्मों और विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
- गोल्डमैन सैक्स के एक सर्वे में 36% संस्थागत निवेशकों ने उम्मीद जताई है कि कीमतें इस 5,000 डॉलर के स्तर को पार कर जाएंगी।
- डायचे बैंक ने 2026 में अल्पकालीन अवधि के लिए अपने अनुमान को बढ़ाकर 4,450 डॉलर प्रति औंस कर दिया है। इसके अधिकतम 4,950 तक जाने की संभावना जताई गई है।
- यूबीएस ने 2026 के मध्य तक 4,500 डॉलर का लक्ष्य रखा है। कुछ अन्य विश्लेषकों ने 4,706 डॉलर प्रति औंस और 4,803 डॉलर प्रति औंस के स्तरों का भी अनुमान लगाया है।
- भारतीय बाजार (एमसीएक्स) के अनुमान के मुताबिक, भारत में सोना 12 जनवरी को रिकॉर्ड स्तर छू चुका है। बाजार की स्थिति को देखते हुए सोने में आगे और तेजी की उम्मीद है।
चांदी की कीमतों को लेकर क्या संभावनाएं?
विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों का अनुमान चांदी को लेकर और भी सकारात्मक है। यानी कई मामलों में यह सोने की तुलना में भी अधिक मजबूती दिखा रहा है। जनवरी 2026 में चांदी की कीमतों ने 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम का नया सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया है।
- वित्तीय फर्म मोतीलाल ओसवाल ने चांदी के 3.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशेषज्ञों का मानना है कि स्पॉट सिल्वर की कीमतें 87.30 से 89.33 डॉलर प्रति औंस तक बढ़ सकती हैं। हालांकि, यह तब मुमकिन है, जब अमेरिकी मुद्रास्फीति (सीपीआई) के आंकड़े उल्टी दिशा में न भागें।
- 2025 के दौरान चांदी ने सोने को काफी पीछे छोड़ दिया था, जहां चांदी में 138% की बढ़ोतरी देखी गई, वहीं सोने में लगभग 68% की बढ़त हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सकारात्मक गति 2026 में भी बनी रह सकती है।
- सोने के उलट, चांदी की मांग न केवल एक सुरक्षित निवेश के रूप में है, बल्कि औद्योगिक विनिर्माण में भी इसका जबरदस्त इस्तेमाल होता है। औद्योगिक मांग और आपूर्ति की कमी मिलकर इसकी कीमतों को ऊपर ले जा रही हैं।
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