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इस साल खूब चमकेगा सोना, गोल्डमैन साक्स ने लगाया कीमतों में 10 फीसदी उछाल का अनुमान

Sat, 12 Jan 2019 11:45 AM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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goldman sachs
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सोना इन दिनों खूब चमक रहा है। कीमतें साढ़े 6 साल के सबसे उच्चतम स्तर पर जाने की ओर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस साल दिसंबर तक सोने की कीमत 1,425 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। गोल्डमैन साक्स ने कीमतों में 10% उछाल का अनुमान लगाया है। मई 2013 में सोना घरेलू बाजार में सोना 27,200 रुपए प्रति 10 ग्राम और डॉलर 54 रुपए के आसपास था। 2018 में सोने की कीमतों में 11% का उछल देखा गया था।
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वैश्विक कीमतों में तेजी आने पर सोने की कीमतें भारत में भी बढ़ जाती हैं। वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ी तो इसका सर देश पर भी पड़ेगा। वैश्विक बाजार में इस वक्त प्रति औंस सोने कि कीमतें 1,294 डॉलर है। शु़क्रवार को दिल्ली में कीमत 33,030 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। पिछले साल अगस्त से अबतक कीमतों में 11% की बढ़ोतरी हुई है। 

मंदी कि आशंका ने बढ़ाई सोने की मांग

केंद्रीय बैंक मंदी कि आशंका के बीच ज्यादा मात्रा में सोने की खरीद कर रहे हैं। सोने को सुरक्षित माध्यम माना जा रहा है। शुक्रवार को कच्चे तेल में बढ़ोतरी देखी गई। कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में 61.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। आठ फीसदी की बढ़ोतरी के बाद कच्चे तेल की कीमतें दो साल के सबसे उंचे स्तर पर हैं। भारत अपनी जरुरत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयत करता है।
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कच्चे तेल की कीमत 10 डॉलर बढ़ने से चालू खाते का घाटा 12.5 अरब डॉलर बढ़ जाता है। इससे महंगाई 0.49% बढ़ती है। कहा जा रहा है कि यह तेजी अमेरिका-चीन में व्यापारिक तनाव और ओपेक देशों और रूस द्वारा 12 लाख बैरल रोजाना तेल उत्पादन में कटौती करने से आई है। कीमतों में बढ़ोतरी का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने का अनुमान है।
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दो हफ्ते में रुपया बना एशिया की सबसे कमजोर करेंसी

सांकेतिक तस्वीर
पिछले साल तक रुपया जहां एशिया की सबसे मजबूत करेंसी हुआ करता था वहीं बीते दो हफ्तों ने इसे सबसे सबसे कमजोर करेंसी बना दिया है। इस साल दो हफ्ते में रुपया 1.53% कमजोर हुआ है। आम चुनाव से पहले किसानों को राहत पैकेज देने पर राजकोषीय घाटा बढ़ने का अनुमान है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अधिक आयात भी राजकोषीय घाटा बढ़ने के पीछे की वजह बन सकता है। इससे रुपये में और अंजोरी देखने को मिल सकती है। पिछले साल रुपया करीब 13% गिरा था। 
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