गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में चार पर्यटकों समेत कुल 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद भाजपा विधायक माइकल लोबो ने स्थानीय पंचायत से बिना दस्तावेजों के लाइसेंस जारी होने का आरोप लगाया था।
गोवा भाजपा ने 6 दिसंबर को हुए नाइट क्लब हादसे के मद्देनजर भ्रष्टाचार के संबंध में अपने दो नेताओं की टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण मांगा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देकर कहा है कि पार्टी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
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माइकल लोबो और दिलीप पारुलेकर ने समुद्र तट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि इसकी वजह से पर्यटन क्षेत्र में अवैध गतिविधियां हो रही हैं। दोनों भाजपा नेताओं की ये टिप्पणियां अरपोरा गांव में 'बर्च बाय रोमियो लेन' नामक रेस्तरां में लगी आग के बाद आईं, जिसमें कुछ पर्यटकों समेत 25 लोगों की मौत हो गई थी।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक गोवा भाजपा के अध्यक्ष दामोदर नाइक ने शुक्रवार को पणजी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'मैंने दोनों नेताओं के बयान सुने हैं। मैंने उनसे ऐसे बयान देने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।' दामोदर नाइक आगामी जिला पंचायत चुनाव के लिए भाजपा और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के बीच गठबंधन की घोषणा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
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नाइक ने कहा कि स्पष्टीकरण मिलने के बाद पार्टी दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, 'पार्टी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हम एक राजनीतिक संगठन चला रहे हैं। सभी को सीमा में रहना होगा।'
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से सत्तारूढ़ भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'केजरीवाल को ही बताइए कि उन्हें दिल्ली से क्यों निकाला गया। वे तो सुशासन देने का दावा कर रहे थे।'
20 दिसंबर को होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए गठबंधन बनाने के बारे में बात करते हुए नाइक ने कहा कि उन्होंने एमजीपी के साथ हाथ मिलाया है और 50 सीटों में से तीन सीटें उनके लिए आरक्षित की हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां गठबंधन में चुनाव लड़ेंगी।