गोवा के मुस्लिम उलेमाओं और बुद्धिजीवियों ने बुधवार को मोदी सरकार के कार्यों की तारीफ की और सरकार के लिए एक नई मुहिम शुरू करने का एलान किया। साथ ही घोषणा की गई कि मुसलमानों के बीच आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ राजनीतिक पार्टियों ने जो नकारात्मकता फैलाई थी, उसे इंद्रेश कुमार के नेतृत्व में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की मुहिम और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भाषणों, बरतावों व व्यवहारों ने धराशाई कर दिया है। ये घोषणाएं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक के साथ हुए विचार मंथन में की गईं।
उलेमाओं ने कहा कि हमें खामखाह आरएसएस और बीजेपी के नाम पर वर्षों तक डराया गया। बैठक की जानकारी देते हु मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शाहिद सईद ने बताया कि बैठक में संघ और मुस्लिम वार्ताकारों के बीच अहम मसलों पर एक राय बनी, साथ ही डर व शक की गुंजाइशें दूर हो गईं। उन्होंने बताया कि उल्लेमाओं और मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार को बड़े ही तवज्जो के साथ सुना और एकमत से यह आश्वासन दिया कि भ्रम की कोई स्थिति नहीं है।
बीजेपी-आरएसएस के बारे में मुसलमानों को गुमराह किया गया...
सईद ने कहा कि बैठक के दौरान इस्लाम में देश की मोहब्बत और जज्बातों को लेकर कुरान, हदीस और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने क्या फरमाया है इस पर गंभीरता से चर्चा हुई। इंद्रेश कुमार ने देशभक्ति, भाईचारा और विरासत पर बात रखी तो वहीं उलेमाओं और मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कहा कि बीजेपी-आरएसएस के बारे में काफी गुमराह किया गया।
देशभक्ति आधा ईमान है...
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के अध्यक्ष कुमार ने कहा कि ईश्वर ने इंसान की पहचान या तो किरदार से बनाई है या फिर वतन से बनाई है। किरदार अच्छा तो हम अच्छे, किरदार बुरा तो हम बुरे। उन्होंने कहा कि, इस्लाम में कहा गया है कि मां के कदमों में जन्नत है और देशभक्ति आधा ईमान है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि हम सब युगों से हिंदुस्तानी, भारतीय और इंडियन हैं, और यही बन कर हमें जीना है। उन्होंने कहा कि मां हमें इस संसार में लाती है और मातृभूमि हमें फिर इस संसार से विदा कर ईश्वर के पास पहुंचाती है।
उन्होंने कहा कि भारत माता हम सबकी थी, है और रहेगी। जिन्होंने इस मां के टुकड़े किए और करवाए उन्होंने ईश्वर से, देश से, मानवता से, इंसानियत से गद्दारी, बेइमानी और धोखा किया है। इसलिए आओ अपनी विरासत और वतन की खातिर नफरत मिटाएं और सब मिल कर हिंदुस्तान बनाएं।
आरएसएस का नजरिया प्यार और भरोसे वाला...
वहीं, मुस्लिम उलेमाओं और बुद्धिजीवियों ने बुधवार की शाम वरिष्ठ आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के साथ अहम बैठक के बाद एक सुर में कहा कि आज देश में एक ऐसी बेहतरीन सरकार है जिसने यह साबित कर दिखाया है कि जिस बीजेपी और आरएसएस के बारे में हमें वर्षों से डराया धमकाया गया, वो सभी बातें झूठ निकलीं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के नजरिए को हमने अपने लिए प्यार, भरोसा, अपनेपन और ईमानदारी के रूप में पाया है। उलेमाओं ने कहा कि सच तो यह है कि सरकार की तरफ से जितनी भी स्कीमें चली हैं उसका फायदा सभी को हुआ है। किसी के साथ न तो जात-पात, न ही धर्म और न ही पार्टी के नाम पर कोई भेदभाव हुआ।
उलेमाओं और बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में कहा कि हम मुसलमानों को आगे बढ़ कर बीजेपी और मोदी सरकार पर भरोसे कायम करने के लिए एक ऐतिहासिक मुहिम चलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के आठ वर्षों के कामों को देखते हुए पूरी सच्चाई और ईमानदारी से कहा जा सकता है कि इस सरकार का मकसद सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास में ही है। यह सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत है।