गोवा के शहर और देश नियोजन मंत्री विजय सरदेसाई को उत्तर भारतीयों के खिलाफ दिए एक बयान की वजह से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा था कि उत्तर भारतीय लोग गोवा को दूसरा हरियाणा बना रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि उत्तर भारतीय धरती पर गंदगी हैं। शनिवार को मंत्री ने अपने बयान के किसी भी हिस्से को वापस लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वह उत्तर भारतीय लोगों के खिलाफ नहीं हैं। अपनी भावनाएं जाहिर करने के लिए वह किसी तरह की माफी नहीं मांगेगे।
सरदेसाई ने कहा कि सरकार को घरेलू पर्यटकों को रोकने की कोशिश करनी होगी। इसके बजाए हमारा लक्ष्य उन टूरिस्टों को राज्य में लाना है जो राज्य की आर्थिक व्यवस्था में योगदान दे सकें। 6.5 मिलियन टूरिस्टों का एक छोटा सा समूह गोवा आकर यहां सबसे ज्यादा उपद्रव करते हैं। इन लोगों में किसी तरह की नागरिकता भावना नहीं होती है और यही वह लोग हैं जो सबसे ज्यादा कूड़ा-कचरा फैलाते हैं और उपद्रव मचाते हैं।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ अशोक तंवर ने मंत्री विजय सरदेसाई द्वारा उत्तर भारतीयों तथा हरियाणा के लोगों के खिलाफ की गई टिप्पणी पर कड़ी निंदा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मंत्री के ऐसे शब्दों से यह साबित हो जाता है कि भाजपा का चेहरा और चरित्र कैसा है। भाजपा के मंत्री ने हरियाणा में भाईचारे को बिगाड़ने और कानून व्यस्था को बिगड़ने के लिए ऐसा विवादित बयान दिया है। उन्हें हरियाणा की जनता से माफी मांगनी चाहिए और मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए।