अगले साल फरवरी में संभावित गोवा विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां खूब तेज हैं। पिछले चुनाव में भाजपा की सरकार बनाने वाले में मदद करने वाले दोनों दलों ने भगवा दल का साथ छोड़ दिया है। वहीं, भाजपा ने दावा किया है कि कोई गठबंधन हो या न हो हम अपने दम पर जीत हासिल करेंगे।
गोवा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सोमवार को पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और क्षेत्रीय महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने गठबंधन की घोषणा की। इसके कुछ ही घंटों के अंदर गोवा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से प्रतिक्रिया आ गई। भाजपा ने कहा है कि हम आगामी विधानसभा चुनाव अपने दम पर जीतेंगे फिर चाहे सभी विपक्षी दल मिलकर गठबंधन कर लें।
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भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सदानंद शेत तनवड़े ने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए मतों के बंटवारे पर निर्भर नहीं है। जब हम चुनाव लड़ते हैं तो हम यह सोच कर मैदान में उतरते हैं कि लड़ाई भाजपा बनाम बाकी सभी दलों की है। तनवड़े ने आगे कहा कि पिछले चुनावों के परिणाम इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भगवा दल के खिलाफ सभी विपक्षी दलों के मिल कर चुनाव लड़ने के बाद भी भाजपा की ही विजय हुई है।
'भाजपा ही जीतेगी, गठबंधन बने या फिर न बने'
उन्होंने कहा कि गोवा में जिला पंचायत चुनावों के लिए हमने सभी पार्टियों को एक साथ आते हुए देखा था। इसके बाद भी हमें 50 में से 33 सीटों पर जीत मिली थी। इसी तरह 12 नगर पालिका परिषदों के चुनाव में भी भाजपा ने 12 में से 10 पर जीत हासिल की थी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि साल 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी भाजपा अपने बल पर फिर से जीत दर्ज करेगी फिर चाहे कोई गठबंधन बने या फिर न बने।
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भाजपा का दावा कुछ भी हो, फंस सकता है पेच
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 40 में से केवल 13 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस ने 17 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बावजूद दो क्षेत्रीय पार्टियों, एमजीपी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के समर्थन के साथ भाजपा ने सरकार बनाई थी। अब विजय सरदेसाई की अगुवाई वाली जीएफपी ने हाल ही में इस चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने का एलान किया था। वहीं एमजीपी ने टीएमसी के साथ गठबंधन कर लिया है।