फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Manuscripts: पांडुलिपियों को संजोने के लिए 'नई दिल्ली घोषणा पत्र' जारी, सुरक्षित की जाएंगी डिजिटल प्रतियां

Sat, 13 Sep 2025 03:47 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Manuscripts: भारत की पांडुलिपि विरासत को सहेजने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 'नई दिल्ली घोषणा पत्र' अपनाया गया। इसका उद्देश्य पांडुलिपियों का संरक्षण, डिजिटलीकरण और उनके जरिए ज्ञान का प्रसार करना है। इसमें यह भी तय किया गया कि विदेश में मौजूद भारतीय पांडुलिपियों को वापस लाने या उनकी डिजिटल प्रतियां सुरक्षित करने के प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
ज्ञान भारतम् अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन - फोटो : एक्स/वीडियो ग्रैब/संस्कृति मंत्रालय
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत की पांडुलिपि विरासत पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 'नई दिल्ली घोषणा पत्र' अपनाया गया। इसका मकसद पांडुलिपियों को सुरक्षित रखना, उनका डिजिटलीकरण करना और उनके माध्यम से ज्ञान को फैलाना है। इस घोषणा पत्र में कहा गया, पांडुलिपियां किसी भी देश की जीवंत स्मृति होती हैं और उसकी सभ्यता की पहचान की नींव मानी जाती हैं। 
विज्ञापन



नई दिल्ली घोषणा पत्र में संकल्प लिया गया, हम इस विशाल खजाने को संरक्षित करेंगे, उसे डिजिटलीकृत करेंगे और उसका व्यापक प्रसार करेंगे। इसमें आगे कहा गया, हम इस भरोसे के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि पांडुलिपियां केवल की अतीत की वस्तु नहीं हैं, बल्कि वह भविष्य का मार्गदर्शन करने वाली रोशनी है। 'ज्ञान भारतम्' घोषणा पत्र में यह भी तय किया गया कि विदेश में मौजूद भारतीय पांडुलिपियों को प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा, उन्हें वापस लाया जाएगा या कम से कम उनकी डिजिटल प्रतियां सुरक्षित की जाएंगी।

ये भी पढ़ें: 'तमिलनाडु की पहचान है DMK, भीड़ नहीं, विचारों का आंदोलन', मुख्यमंत्री स्टालिन का विपक्ष पर निशाना
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर को भारत की पांडुलिपि धरोहर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया था और साथ ही ‘ज्ञान भारतम’ पोर्टल का शुभारंभ किया। सम्मेलन स्थल पर दुर्लभ पांडुलिपियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। साथ ही पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण तकनीक, मेटाडाटा मानक, कानूनी ढांचे, सांस्कृतिक कूटनीति और प्राचीन लिपियों के पाठ-वाचन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्वानों ने प्रस्तुतियां दीं। 
विज्ञापन


संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा था कि भारत इस समय सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि ज्ञान भारतम मिशन का उद्देश्य देश की पांडुलिपि धरोहर को संरक्षित करना है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें