सीबीआई के वकील नीरज जैन ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों, तथ्यों व गवाहों के बयानों को दरकिनार कर आरोपियों को बरी किया है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट के फैसले को खारिज किया जाए।
सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और अन्य को बरी करने वाले निचली अदालत के फैसले में घोर अवैधताएं हैं। निचली अदालत का आदेश गलत है और उसमें सीबीआई के पेश सबूतों की अवहेलना की गई। इस फैसले में कई खामियां हैं।
विज्ञापन
जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा के समक्ष सीबीआई के वकील नीरज जैन ने कहा, ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों, तथ्यों व गवाहों के बयानों को दरकिनार कर आरोपियों को बरी किया है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट के फैसले को खारिज किया जाए। यही नहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी-लॉन्ड्रिंग में भी सभी आरोपियों को बरी करने के खिलाफ दायर अपील अदालत के समक्ष लंबित है।
इस मामले में अगली सुनवाई 29 मई को होगी। आर के चंदोलिया समेत कुछ बरी किए गए लोगों की ओर से पेश अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा, एक बार एक अभियुक्त को अनुसूचित अपराध में छोड़ दिया जाता है, वही परिणाम मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में पालन करना होता है।