पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग हिंसा की आग में लगातार सुलग रहा है और वहां हालात बदतर होते जा रहे हैं। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की ओर से अलग गोरखालैंड की मांग की वजह से बंद का आयोजन किया गया है, जिसे आज लगभग 10 दिन होने जा रहे हैं। इस हिंसा में पुलिस और जीजेएम सर्मथकों के बीच झड़प हो रही है और इसमें करीब 4 लोगों की मौत हो गई है।
हालात ये हैं कि यहां स्कूलों में हजारों बच्चे फंसे हुए हैं और टॉय ट्रेन भी बाधित चल रही है। दार्जिलिंग में ऐसे माहौल के बावजूद सीएम ममता बनर्जी नीदरलैंड पहुंच गई हैं और वहां यूएन की एक सभा को संबोधित करेंगी।
बता दें कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा प्रदर्शन बंगाली भाषा को लादे जाने के विरोध में कर रहे हैं। दरअसल, ममता बनर्जी की अगुवाई में पश्चिम बंगाल सरकार ने बंगाला भाषा को पश्चिम बंगाल के सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य बना दिया था। जिसके बाद बंगाली भाषा लादे जाने के विरोध में गोरखालैंड के अर्ध-स्वायत्तशाषी इलाकों में हिंसा फैल गई। मौजूदा समय में दार्जिलिंग में सुरक्षा बलों के साथ ही आर्मी की भी तैनाती की गई है।