गैस सब्सिडी के बाद केंद्र सरकार की नजर अब रेल टिकट सब्सिडी पर है। भारतीय रेलवे की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने लोगों से रेलवे किराए में मिलने वाली छूट, जैसे- कुछ ट्रेनों में सप्ताहांत में मिलने वाली छूट, आखरी वक्त में खाली बर्थ पर मिलने वाली छूट, आदि को अपनी मर्जी से छोड़ने की अपील की है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस संबंध में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रलवे बोर्ड को 24 नबंवर को एक सूचना जारी की थी। सुत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड इस योजना को जल्द ही जारी कर सकती है। हालांकि अधिकारियों का कहना है यह काफी मुश्किल लगता है कि लोग उनके किराए में मिलने वाली सब्सिडी छोड़ने को तैयार होंगे।
रेलवे इसके लिए लोगों में जागरुकता फैला कर यह बताने का प्रयास करेगा कि वह लोगों को हर टिकट पर कितना सब्सिडी दे रहा है। कुछ समय के लिए अब हर ट्रेन टिकट पर लिखा होगा कि भारतीय रेलवे आपसे कुल लागत का औसतन सिर्फ 57 फीसदी किराया ही वसूल रहा है। ऐसा करने से लोगों को पता लगेगा कि प्रत्येक टिकट पर 43 फीसदी की छूट दी जा रही है।
लोकल ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों से रेलवे सिर्फ 36 फीसदी किराया ही वसूल करती है, बाकि का 67 फीसदी खर्चा रेलवे खुद वहन करती है। रेलवे समय-समय पर यह बताता रहता है कि मालभाड़े की ढुलाई से हो रही कमाई के जरिए वह करीब 30000 करोड़ की सब्सिडी देता है जिससे यात्रियों को सस्ती टिकट मुहैया कराई जाती है।