मशहूर जेजे अस्पताल के मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने रविवार को जमकर प्रदर्शन किया। ये छात्राएं प्रबंधन के उस फैसले से भड़की हुई थीं, जिसमें ‘छोटी स्कर्ट’ पहनने और आयोजनों के दौरान अपने पुरुष सहपठियों से अलग बैठने का आदेश दिया गया था। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने इसे प्रबंधन की तानाशाही बताते हुए ‘मोरल पुलिसिंग’ का प्रयास करार दिया।
बता दें कि इस प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने ये निर्देश 21 मार्च को होली समारोह के बाद दिए थे, जिसमें कुछ युवा छात्रों को हंगामा और असभ्य हरकतें करते हुए देखा गया था। रविवार को इसके विरोध में प्रदर्शन करने पहुंची छात्राओं ने नाराजगी जताने के लिए एड़ी तक ढके हुए कपड़े पहनने के साथ ही अपने चेहरों को भी ढंक लिया था। प्रदर्शन कर रही एक छात्रा ने बताया कि प्रबंधन ने छात्राओं को रात 10 बजे से पहले अपने हॉस्टल में लौट आने का भी फरमान सुनाया है।
डीन डॉ. अजय चांदनवाले और वार्डन शिल्पा पाटिल की तरफ से जारी इन निर्देशों का ब्योरा सोशल मीडिया पर दो पोस्ट के जरिए दिया है। इनमें से एक फेसबकु पर पोस्ट की गई है, जबकि दूसरी हॉस्टलों के व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर की गई है। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने कहा, हम प्रबंधन के इस निर्णय की निंदा करते हैं, क्योंकि यह हमारे पसंदीदा वेशभूषा पहनने के अधिकार का अतिक्रमण करता है। कुछ असभ्य छात्रों की करतूत के लिए हर किसी को दंडित क्यों किया जाना चाहिए?
उधर, डीन डॉ. अजय ने कहा कि महिला छात्रों से उचित वेशभूषा पहनने की अपेक्षा है। छात्रों के लिए मेरा यही एकमात्र संदेश है7 यदि उन्हें किसी तरह की आपत्ति है तो हम उसका निदान करने की कोशिश करेंगे।