मथुरा में केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने प्रदेश सरकार पर तीखे प्रहार किए। वेटरनेरी यूनिवर्सिटी और केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के भ्रमण कार्यक्रम पर आए केंद्रीय लघु उद्योग राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने प्रदेश की अखिलेश सरकार को मथुरा हिंसा और कैराना के पलायन वाले मुद्दे पर घेरा। गिरिराज सिंह ने देश की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए भी सलाह दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए देश में सभी के लिए आमराय से अधिकतम दो बच्चे पैदा करने का कानून बनना चाहिए। बांग्लादेश, इंडोनेशिया और मलेशिया जनसंख्या नियंत्रण पर काम कर रहे हैं, लेकिन भारत में इस पर वोट की राजनीति शुरू हो जाती है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए विकास की तस्वीर रखी।
लेकिन गिरिराज सूबे की सपा सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि सपा सरकार अपराधियों का नेतृत्व करती है। हाल ही में जिस पार्टी का विलय सपा में हुआ है, उसका मुखिया अपराधियों का सरगना है। उन्होंने कहा कि मथुरा में कानून व्यवस्था तार-तार हो चुकी है। यहां एक व्यक्ति ने ही सरकारी संरक्षण में आतंक मचा रखा था।
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उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि यहां हिंदुओं को पलायन करना पड़ रहा है। देश के विभाजन के दौरान किसी ने यह सोचा भी नहीं था कि ऐसी भी स्थिति आएगी। देश के अनेक गांव कैराना बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में गोहत्या और गोतस्करी गंभीर समस्या बनी हुई है। 7-8 माह पहले गो-मांस पर ही राजनीतिक बवाल हुआ था। मथुरा लैब की रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि मांस गाय का था।
मोदी सरकार के दो साल के कार्यकाल की तारीफ करते हुए उन्होंने विपक्ष पर विकास कार्यों में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया। कहा कि जीएसटी लागू होने से तरक्की की रफ्तार कुछ और ही होती। दो साल में तैयार विकास के ढांचे पर अगले तीन साल में महल नजर आएगा।
इस मौके पर भाजपा नेता राजेश चौधरी, सुमित शर्मा, आकाश चौधरी, कुंजबिहारी चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
अखिलेश चाहे जितनी बिजली खरीदें
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि इस वक्त देश सरप्लस बिजली उत्पादन कर रहा है। अखिलेश चाहें तो यूपी के लिए मनमाफिक बिजली खरीद सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार के दिव्यमान लालू प्रसाद यादव और उदयमान नीतीश कुमार कहते हैं कि गरीब के खाते में आने वाले 15-15 लाख कहां गए।
टू-जी, कोयला खदानों की पारदर्शिता पूर्ण नीलामी से 3 लाख करोड़ रुपये किसान, मजदूर और आम व्यक्ति के विकास के लिए सरकार के खजाने में आ गए है। ये राशि लालू यादव के खाते में जाने से बच गई है।