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Gig Workers Strike: न्यू ईयर की रात डिलीवरी पर संकट? हड़ताल से निपटने के लिए कंपनियों ने बनाया ये प्लान

Wed, 31 Dec 2025 04:18 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock
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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए डोर टू डोर सामान पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स के कई संगठनों ने 31 दिसंबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। संगठनों की इस घोषणा के बाद फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियां सतर्क हो गई है। कंपनियों ने अपने डिलीवरी पार्टनर से संपर्क करना शुरू कर दिया है।

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दरअसल, 31 दिसंबर की शाम खाने-पीने के सामान की डिलीवरी के लिहाज से साल के सबसे व्यस्त दिनों में गिनी जाती है। इसी दिन के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर तैयारी करती हैं, लेकिन गिग कामगारों की प्रस्तावित हड़ताल से डिलीवरी सेवाओं पर असर पड़ने और लोगों के जश्न में बाधा आने की आशंका जताई जा रही है।

इस बीच लोगों को सामान मुहैया करवाने के लिए जोमैटो और स्विगी ने डिलीवरी एजेंटों से संपर्क किया है। ताकि उनकी सुरक्षा बनी रहे और सेवाएं जारी रहें। कंपनियों से जुड़े लोगों का कहना है कि, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को देखते हुए सभी प्लेटफॉर्म अपनी तैयारियां तेज कर रहे हैं और सपोर्ट सिस्टम मजबूत कर रहे हैं। हड़ताल का ग्राहकों पर असर कम हो, इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। जोमैटो और ब्लिंकइट कंपनियां हड़ताल के दौरान काम करने वाले डिलीवरी पार्टनर की सुरक्षा के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन से भी तालमेल कर रही है।
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वहीं, जोमैटो ने भी अपने डिलीवरी पार्टनर्स से संपर्क कर व्यस्त समय में मदद के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम, आपातकालीन हेल्पलाइन तैयार की है। जबकि स्विगी से जुड़े लोगों का कहना है कि, कंपनी आपात योजनाएं तैयार कर रही है।ऑर्डर की संख्या व समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए अपने नेटवर्क रेस्टोरेंट्स के साथ लगातार संपर्क में है।

दरअसल, गिग और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के वर्कर्स 31 दिसंबर को पूरे देश में हड़ताल करने का एलान किया है। यह भी कर्मी वेतन, सुरक्षा और काम की अच्छी परिस्थितियों की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे है। गिग और प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कर्मचारी की कई मांगें हैं।

इन मांगों में कम से कम न्यूनतम मजदूरी के बराबर आय की गारंटी, एक साफ और पारदर्शी वेतन व्यवस्था, जिसमें कैब ड्राइवरों के लिए कम से कम 20 रुपये प्रति किलोमीटर का भुगतान हो, दिन में आठ घंटे और ज्यादा काम पर ओवरटाइम भुगतान, दुर्घटना, बीमारी और आपात स्थिति के लिए बीमा और सामाजिक सुरक्षा, '10 मिनट डिलीवरी' जैसे मॉडल को बंद करना, क्योंकि इससे तेज और असुरक्षित ड्राइविंग बढ़ती है। कर्मचारियों की ये भी मांग है कि सर्दियों में घने कोहरे के कारण देर रात गाड़ी चलाना खतरनाक होता है, इसलिए कोहरे के समय रात 11 बजे के बाद डिलीवरी बंद की जानी चाहिए।

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