राज्यसभा से जिन सांसदों की विदाई हो रही है उनमें नरेश अग्रवाल का नाम भी शामिल है। जोकि हाल ही में समाजवदी पार्टी छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं। राज्यसभा सांसदों की विदाई के मौके पर विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने अग्रवाल पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि नरेश अग्रवाल जी एक ऐसे सूरज हैं जो इधर डूबे, उधर निकले, इधर निकले तो उधर डूबे।
गुलाम नबी आजाद की इस टिप्पणी पर सदन ठहाकों से गूंज उठा, सदन में मौजूद नरेश अग्रवाल भी मुस्कुराते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि जिस पार्टी में वह जा रहे हैं वो पार्टी उनकी क्षमता का पूरा उपयोग करेगी। गौरतलब है कि राज्यसभा से 58 सांसदों की विदाई हो रही है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह विदाई है जुदाई नहीं। यह तत्कालिक है, नेता कभी रिटायर नहीं होते हैं। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने दोनों सदनों को मिलाने का काम किया।.
उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र को किसी ने जिंदा रखा है तो वह सासंद और लॉ मेकर्स ही हैं। सांसदों ने ही लोकतंत्र को जिंदा रखा है। सांसद अपनी तन्ख्वाह के लिए नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि हम पानी, बिजली, बैंकों की लूट के लिए लड़ रहे हैं।
वहीं नरेश अग्रवाल ने कहा कि मेरे अंदर कुछ तो विशेषता होगी जिसकी वजह से मैं यहां पहुंचा है। बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे गलत बयानों के बाद भी मुझे पार्टी में शामिल किया गया इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने भी विदाई हो रही सांसदों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कहा कि अगर सदन ठीक से चलता तो सांसदों को जाते-जाते कुछ बेहतर छोड़कर जाने का मौका मिल गया होता लेकिन इससे आप लोग वंचित रह गए। इसके लिए विपक्ष ही नहीं दोनों तरफ के सदस्य जिम्मेदार है।