बहुप्रतीक्षित कोरोना टीकाकरण मकर संक्रांति से शुरू होने की उम्मीद है। 18 साल से कम उम्र के लोगों को अभी टीका नहीं लगेगा। ऐसे में लोगों के मन में टीका और टीकाकरण को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
कोरोना टीके को लेकर मन में उठने वाले हर सवाल का जवाब
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने एक वीडियो संदेश के जरिए दिया है। आइए जानते हैं देश में शुरू होने जा रहे अभियान से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब...।
क्या संक्रमित को टीका लग सकता है?
संक्रमित या बिना लक्षण वाले रोगी को टीका लगाने से टीकाकरण स्थल पर संक्रमण का खतरा है। अभी नहीं पता है कि संक्रमित में टीके का क्या असर होगा। ऐसे में लक्षण बंद होने के 14 दिन बाद ही टीका लगवाना चाहिए। खतरा मोल लेने की जरूरत नहीं है।
टीका लगने के क्या साइड इफेक्ट हैं?
टीका लगने के बाद कुछ लक्षण आ सकते हैं। इसमें हल्का बुखार, जहां इंजेक्शन लगा है वहां दर्द, शरीर में दर्द जैसी तकलीफ हो सकती हैं। डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। जहां टीका लगेगा वहां इन सब चीजों को मैनेज करने के लिए राज्य सरकारों ने सभी व्यवस्था की है। गंभीर तकलीफ की संभावना नहीं है।
टीका लगवाने के लिए पंजीकरण जरूरी है?
पंजीकरण के बाद ही टीका लग सकेगा। पंजीकरण के जरिए ही आपको टीका कब और कहां टीका लगवाना है इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा टीका लगने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम आप के संपर्क में रह सकेगी। एप पर बिना पंजीकरण टीका नहीं लग सकता है।
एसएमएस से मिलेगी टीका लगने की तारीख की सूचना
ऑनलाइन पंजीकरण के बाद पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त होगा जिसमें तारीख स्थान समय स्पष्ट लिखा हुआ होगा, टीका लगने पर भी एसएमएस आएगा। दो डोज के बाद मोबाइल पर ही क्यूआर कोड आधारित डिजिटल सर्टिफिकेट जाएगा। भविष्य में इसी सर्टिफिकेट रिकॉर्ड की जांच हो सकेगी।
टीके के बाद सतर्कता
टीका लगने के बाद मानक के अनुसार, आपको कम से कम 30 मिनट तक वहीं पर आराम करना होगा। कोई भी तकलीफ होती है तो वहां पर मौजूद डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी या एएनएम और आशा कार्यकर्ता को इसकी जानकारी दें। किसी तरह की परेशानी को नजरअंदाज ना करें। घबराए बिल्कुल भी नहीं।
दो वैक्सीन का चुनाव कैसे
भारत की दवा नियंत्रक संस्था ने वैक्सीन को मंजूरी से पहले परीक्षण के आंकड़ों और प्रभावों का अच्छे से अवलोकन किया है। पूरी तरह सुरक्षित और असरदार टीके को अनुमति दी गई है। एक व्यक्ति को एक तरह की ही वैक्सीन की दोनों डोज लगेगी, अलग-अलग वैक्सीन से डोज पूरी नहीं होगी।