चेन्नई के बाहरी इलाके पदप्पई में बने एक मंदिर ने प्रसाद बांटने के पारंपरिक तरीके को बदल दिया है। पोंगल और इमली वाले चावल की जगह इस मंदिर में बर्गर, ब्राउनी, सलाद और क्रैकर सेंडविच प्रसाद के रूप में मिलते हैं। इसके अलावा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने इस प्रसाद कि क्वालिट को प्रमाणित भी किया है।
'जय दूर्गा पीठ' मंदिर में मसि्फ प्रसाद ही मॉडर्न नहीं है। यहां आने वाले श्रद्धालु ऑटोमेटिक 'प्रसाद मशीन' में टोकन डाल कर अपना डब्बा प्राप्त करते हैं। मंदिर में इस तरह की व्यवस्था को लागू करने वाले के.श्री. श्रीधर का कहना है कि इस तरह के प्रसाद से स्थानीय लोगों का रूझान यहां काफी बढ़ रहा है। इसके अलावा पर्यटक भी संख्या में यहां आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "इस आइडिया के पीछे नजरिया था कि साफ रसोई में स्वच्छता के साथ बनाई गई हर चीज भगवान को अर्पित की जा सकती है। सिर्फ पारंपरिक व्यंजन ही प्रसाद नहीं होते।"
कुछ दिन पहले मंदिर ने 'बर्थडे केक प्रसाद' भी शुरू किया था। मंदिर अधिकारियों का कहना है कि वो वृद्ध श्रद्धालुओं का पूरा ब्यौरा रखते हैं और उनके जन्मदिन पर प्रसाद के रूप में केक भिजवाते है। इससे उनका जुड़ाव बढ़ता है और उनका दिन भी खास बनता है। इसके साथ वो दीपक और मोमबत्ती भी भिजवाते हैं। श्रीधर ने कहा कि हम भगवान को वही भोजन देते है, जो हम स्वयं खाते हैं।