एकरमैन ने कहा कि उनके देश की विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक का विमान दिल्ली में समय से पहले उतर गया। उन्हें थोड़ी देर के लिए विमान में रहने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने बिना रिसीविंग लाइन के विमान छोड़ने का फैसला किया, यह पूरी तरह से एक जर्मनी की समस्या थी।
जर्मनी की विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक को भारत दौरे के दौरान कथित तौर पर उचित सम्मान न देने के मुद्दे पर जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रोटोकॉल में कोई कमी नहीं थी। विदेश मंत्री बेयरबॉक का विमान समय से पहले आ गया था। यह जर्मनी की समस्या थी। इसमें भारत पर किसी भी तरह से आरोप लगाना गलत है।
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एकरमैन ने कहा कि उनके देश की विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक का विमान दिल्ली में समय से पहले उतर गया। उन्हें थोड़ी देर के लिए विमान में रहने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने बिना रिसीविंग लाइन के विमान छोड़ने का फैसला किया, यह पूरी तरह से एक जर्मनी की समस्या थी।
क्या बोले एकरमैन?
जर्मन विदेश मंत्री के साथ प्रोटोकॉल के मुद्दे का आरोप लगाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर एकरमैन ने कहा कि मंत्री का विमान दिल्ली में थोड़ा जल्दी उतर गया था। वह जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में सबसे पहले उतरने वाले मंत्रियों में से एक थीं। वह जल्दी फ्लाइट से उतर गईं। इसके चलते हमें उन्हें कॉन्फ्रेंस स्थल तक ले जाना पड़ा। फ्लाइट जल्दी आने के बाद जर्मन अधिकारियों ने उन्हें थोड़ी देर के लिए विमान पर इंतजार करने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने विमान में ही कुछ नाश्ता किया और फिर फिर रिसीविंग लाइन के बिना विमान छोड़ने का फैसला किया। लेकिन यह पूरी तरह से जर्मनी की समस्या थी।
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एकरमैन ने कहा, 'मैं बार-बार कह सकता हूं कि भारतीय प्रोटोकॉल ने इस हफ्ते शानदार काम किया है। यह वास्तव में मेरे जीवन में एक प्रोटोकॉल में देखी गई किसी भी चीज से कहीं अधिक है। उन्होंने बहुत शालीनता से इन सब चीजों को अंजाम दिया।'
वीडियो वायरल होने के बाद उठे थे सवाल
दरअसल जी-20 विदेश मंत्रियों की कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए जर्मनी की विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक भी भारत पहुंची थीं। इस दौरान दिल्ली एयरपोर्ट का एक वीडियो उनका वायरल हो रहा है। जिसमें उनके स्वागत में कोई भी भारतीय मंत्री या अफसर नहीं दिख रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद यूजर्स ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के रेड कार्पेट रिसेप्शन की तुलना जर्मन विदेश मंत्री से करनी शुरू कर दी। विवाद बढ़ा तो जर्मनी के राजदूत ने खुद इस मसले पर सफाई दी।