कोच्चि वॉटर मेट्रो से प्रभावित जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने गुरुवार को कहा कि यह बंदरगाह शहर के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा सुधार था और उन्हें खुशी है कि उनके देश ने इस परियोजना में योगदान दिया।
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हाई कोर्ट वाटर मेट्रो टर्मिनल से दोपहर में वाईपिन तक यात्रा करने वाले एकरमैन ने वॉटर मेट्रो और इसकी स्वदेशी मेड इन इंडिया तकनीक की प्रशंसा की। वॉटर मेट्रो में सवार होने के बाद जर्मन राजूदत ने संवाददाताओं से कहा मैं पूरी तरह से प्रभावित हूं। यह एक अद्भुत अनुभव था। यह एक अत्याधुनिक वॉटर मेट्रो है। मुझे लगता है कि यह कोच्चि के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा सुधार है और मैं इसकी तकनीक से बहुत प्रभावित हूं जो भारत में बनाई गई है।
एकरमैन ने कहा कि यह अच्छा है कि वॉटर मेट्रो बिजली से चलती है क्योंकि यह जलीय वनस्पतियों और जीवों को परेशान नहीं करेगी। जर्मन राजदूत ने परियोजना में अपने देश के योगदान पर प्रसन्नता व्यक्त की क्योंकि 75 प्रतिशत से 80 प्रतिशत वित्त पोषण जर्मनी स्थित केएफडब्ल्यू विकास बैंक से आया था। उन्होंने कहा कि शहरों को स्मार्ट बनाना होगा और उनमें रहने को अधिक टिकाऊ बनाना होगा और कोच्चि वाटर मेट्रो उस दिशा में सबसे ठोस परियोजनाओं में से एक थी।