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तीन दर्जन नेताओं पर मंडराया जासूसी का खतरा, फोन टेपिंग के अलावा गाड़ियों का हो रहा पीछा

Thu, 11 Apr 2019 05:49 PM IST
अमर शर्मा जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
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फोन टेपिंग (फाइल)
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लोकसभा चुनाव में करीब तीन दर्जन नेताओं पर जासूसी का खतरा मंडरा रहा है। इन नेताओं के कथित तौर पर फोन टेप हो रहे हैं और इनकी गाड़ियों का भी पीछा हो रहा है। आरोप है कि जासूसी के इस खेल में सरकारी तंत्र के अलावा प्राइवेट जासूसों की भी मदद ली जा रही है। इस वजह से कई नेताओं को अपने फोन नंबर तक बदलने पड़े हैं। कुछ नेता ऐसे भी हैं जो अपने ड्राइवर या किसी दूसरे सहायक के फोन से बातचीत कर रहे हैं। जासूसी के डर से कई नेताओं ने अपने फोन पर इंटरनेट भी बंद कर दिया है। 
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर आयकर विभाग के छापों से कांग्रेस पार्टी में भय का माहौल बन गया है। कई नेताओं के घरों के आसपास संदिग्ध लोग घूमते हुए देखे गए हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का दावा है कि अकबर रोड, तुगलक रोड और मदर टेरेसा क्रीसेंट रोड पर ऐसी गतिविधियां बढ़ गई हैं। 

पिछले तीन-चार दिन में सफदरजंग रोड, साउथ एवेन्यू, अकबर रोड और लोधी गार्डन में रहने वाले नेताओं के आवास से जो भी गाड़ी बाहर निकलती है, उसका पीछा किया जा रहा है। 
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मंगलवार को उक्त जगहों पर स्थित आवास से जब दो गाड़ियां एयरपोर्ट के टी-1 टर्मिनल के लिए निकली तो उनका एयरपोर्ट के बाहर तक पीछा किया गया। पीछा कर रही दोनों गाड़ियों पर कॉमर्शियल वाहन की नंबर प्लेट लगी थी। इनमें से एक डिजायर और दूसरी इनोवा थी। 

कांग्रेस पार्टी के नेता का कहना है कि अब पार्टी पदाधिकारियों के फोन भी टेप किए जा रहे हैं। हमें पता है कि तीन दर्जन नेताओं के पीछे सरकार ने अपने जासूस छोड़ रखे हैं। इतना ही नहीं, नेताओं की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सरकारी एजेंसियों के अलावा प्राइवेट जासूसों की भी मदद ली जा रही है। इन नेताओं के घरों के बाहर जो सुरक्षा कर्मी और पर्सनल स्टाफ तैनात रहता है, उन्होंने जासूसी की पुष्टि भी की है। 

'भाजपा परेशान करने का हर हथकंडा अपना रही'

पीसी चाको, कांग्रेस दिल्ली प्रभारी (फाइल) - फोटो : ANI
संदिग्ध लोग सुरक्षा कर्मियों से पूछते हैं कि नेता जी घर पर हैं। आगे से जवाब मिलता है नहीं। इसके बाद वे कहते हैं कि हम नेता जी के गृह जिले से आएं हैं। अच्छा तो यह बता दो कि वे कब आएंगे। नेता जी इस वक्त दिल्ली में और कहां पर जा सकते हैं। उन लोगों की बातों से यह साफ जाहिर हो रहा था कि वे किसी सरकारी एजेंसी या प्राइवेट जासूसी एजेंसी के कर्मचारी हैं। 

ऐसा नहीं है कि ये लोग एक ही बार आते हैं और चले जाते हैं। कुछ ही घंटे बाद जैसे ही आवास से कोई गाड़ी बाहर जाती है या अंदर आती है तो कोई दूसरा जासूस मुख्य गेट पर पहुंच जाता है। कोई पहचान पत्र दिखाने के लिए बोलो तो कहते हैं कि हम उनके अपने गृह जिले से आए हैं। नेता बहुत अच्छे से हमें पहचानते हैं। कोई बात नहीं, हम शाम को आ जाएंगे। 

इस बाबत कांग्रेस नेता पीसी चाको कहते हैं, भाजपा हमारे नेताओं को परेशान करने के लिए हर तरह का हथकंडा अपना रही है। मोदी का कार्यकाल खत्म होने वाला है। मई के बाद आपको देश में दूसरी सरकार देखने को मिलेगी। इस मामले में रणदीप सुरजेवाला ने कहा, यह भाजपा और उनके नेताओं की पुरानी आदत है। बौखलाहट में वे ऐसा करते हैं।
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रडार पर हैं यहां रहने वाले नेता

अहमद पटेल (फाइल) - फोटो : ANI
फिलहाल जिन नेताओं के यहां निगरानी रखी जा रही है, उनमें मदर टेरेसा क्रीसेंट रोड, बीकेएस मार्ग पर एमएस फ्लैट, साउथ एवेन्यू में तीन नेताओं के आवास, लोधी रोड एस्टेट पर रहने वाले दो नेता, लोधी एस्टेट में तीन आवास, सफदरजंग रोड, अकबर रोड, जीआरजी रोड नई दिल्ली, तीन मूर्ति लेन और लोधी गार्डन आदि शामिल हैं। 

इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के पूर्व सीएम और वर्तमान सीएम के आवासों पर भी खुफिया निगाहें लगी रहती हैं। मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने अपने नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के यहां पर आयकर विभाग के छापों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमला बोला था। 

पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा, हम जानते हैं कि हमारे नेताओं के फोन टेप हो रहे हैं। उन पर नजर रखी जा रही है। यह सब राजनीतिक द्वेष के चलते हो रहा है। भाजपा अपनी हार को सामने देखकर बौखला गई है। भाजपा जांच एजेंसियों की मदद से विपक्षी दलों को परेशान कर रही है। 
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