सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि फरवरी में बालाकोट पर कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए की गई थी, ताकि सीमा पार से प्रशिक्षण प्राप्त आतंकी भारत के खिलाफ हमला करने के लिए जीवित न बचें। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद से लड़ने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा बेहतर तालमेल से काम किया जा रहा है।
जनरल रावत ने कहा कि एजेंसियों के शानदार समन्वय के जरिये अब एनआईए, प्रवर्तन निदेशालय भी इसमें शामिल हो गए हैं। सब मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि आतंकियों की फंडिंग पर पूरी तरह रोक लगे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हालात को सामान्य बनाया जा रहा है। सेनाध्यक्ष शनिवार को यहां 264 प्रशिक्षुओं के पासिंग आउट परेड के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे।
प्रधानमंत्री मोदी के रडार पर टिप्पणी मामले पर पूछे गए सवाल पर रावत ने कहा कि कुछ प्रकार के रडार बादलों के पार नहीं देख सकते। उन्होंने कहा, ‘कई तरह के रडार हैं, जो विभिन्न तकनीकों के जरिये संचालित होते हैं। इनमें से कुछ के बादलों के पार देखने की क्षमता है और कुछ की नहीं।’
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक टीवी साक्षात्कार में कहा गया था कि मौसम खराब होने के कारण पाकिस्तानी रडार की पहुंच हमारे विमानों तक नहीं होगी, इसलिए कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी के बाद इस बात का काफी मजाक उड़ाया गया था।