सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने संयुक्त हवाई रक्षा सिद्धांत जारी किया है। इसका लक्ष्य थल, नभ और जल सेना के बीच तालमेल बढ़ाना है। यह कदम बदलते युद्ध क्षेत्र में भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने संयुक्त हवाई रक्षा (जॉइंट एयर डिफेंस) पर एक महत्वपूर्ण सैन्य सिद्धांत जारी किया है। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की। यह नया सिद्धांत भारतीय रक्षा बलों के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
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यह कदम सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर एकीकरण, तालमेल और परिचालन तैयारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बदलते युद्ध क्षेत्र के माहौल में भारत की बहुस्तरीय हवाई रक्षा क्षमता को और अधिक शक्तिशाली बनाना है।
General Anil Chauhan #CDS released the Joint Air Defence Doctrine, marking a significant step towards greater integration, synergy and operational preparedness among the Defence Forces.
इससे पहले अगस्त 2025 में भी सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने दो अहम सैन्य दस्तावेज जारी किए थे। इनमें विशेष बलों के संचालन के लिए संयुक्त सिद्धांत और एयरबोर्न और हेलीबोर्न आधारित अभियानों के लिए संयुक्त सिद्धांत शामिल थे। ये दोनों दस्तावेज मध्य प्रदेश के महू में आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित 'रण संवाद' नामक सेमिनार के दौरान पेश किए गए थे।
'रण संवाद' सेना के तीनों अंगों का एक साझा सेमिनार था, जिसमें रक्षा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया था। इन सिद्धांतों को जारी करने का मकसद भारतीय सेना की मारक क्षमता को बढ़ाना और किसी भी आपात स्थिति के लिए सेना को हर समय तैयार रखना है। यह नया हवाई रक्षा सिद्धांत भी इसी रणनीति का हिस्सा है।