भारत सरकार द्वारा मंगलवार को जारी दूसरे अग्रिम अनुमान में भी चालू वित्त वर्ष के लिए 7.1 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया गया है जो कि पहले के अग्रिम अनुमान के बराबर है। इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का ज्यादा असर नहीं हुआ है। हालांकि इसी दिन जारी कोर सेक्टर के आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे इस्पात, बिजली आदि में दिसंबर 2016 के मुकाबले जनवरी 2017 के दौरान सुस्ती आई है।
बीते जनवरी माह के दौरान कोर सेक्टर में पिछले साल जनवरी के मुकाबले 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी रही जबकि दिसंबर 2016 के दौरान कोर सेक्टर में दिसंबर 2015 के मुकाबले 5.6 फीसदी का इजाफा हुआ था।
केन्द्रीय सां ियकी संगठन -सीएसओ- द्वारा वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही के आंकड़ों के आधार पर तैयार अनुमान में कहा गया है कि इस वर्ष जीडीपी में विकास दर 7.1 फीसदी रहेगी। वित्त वर्ष 2015-16 में अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.9 फीसदी रही थी। वित्त वर्ष 2016-17 में आधार मूल्य पर सकल मूल्यवद्र्घित (जीवीए) विकास दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। इससे एक साल पहले जीवीए विकास दर 7.8 फीसदी रही थी।
गौरतलब है कि बीते आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इसके बाद देश भर में नकदी की हुई भारी किल्लत से विकास दर प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा था। इस बारे में कई अर्थशास्त्रियों ने विकास दर घटने की भविष्यवाणी की थी।
सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक यदि चालू वित्त वर्ष की सिर्फ तीसरी तिमाही की बात करें तो इस दौरान जीडीपी दर घट कर सात फीसदी रह गई है। चाालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विकास दर में 7.4 फीसदी की बढ़ोतरी रही थी। वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही में जीवीए विकास दर 6.6 फीसदी रही है, जबकि इसी वर्ष दूसरी तिमाही में जीवीए विकास दर 7.1 फीसदी रही थी।
#FLASH GDP growth was at 7% in the #DeMonetisation period (Oct-Dec) pic.twitter.com/a7c8kQWd3C
— ANI (@ANI_news) February 28, 2017
साल 2016-17 के लिए जीडीपी ग्रोथ 7.1 फीसदी रहने का अनुमान है। बताते चलें कि साल 2015-16 में यह ग्रोथ 7.9 फीसदी रही।
#FLASH The growth in GDP during 2016-17 is estimated at 7.1% as compared to the growth rate of 7.9 % in 2015-16.
— ANI (@ANI_news) February 28, 2017
शक्तिकांत दास ने कहा, लोगों को भ्रमित किया गया था कि नोटबंदी का जीडीपी पर गलत प्रभाव पड़ेगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ और ग्रोथ 7 फीसदी रही।
People projected negative impact of #DeMonetisation on GDP, but its not so we maintained growth at 7%: Eco Affairs Secy Shaktikanta Das pic.twitter.com/b2FuwhGkhx
— ANI (@ANI_news) February 28, 2017
सीएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर से नवंबर के बीच जीडीपी 7.1 फीसदी की दर से बढ़ी, जबकि इसे 6.1 फीसदी रहने का अनुमान था। वहीं, मेन्युफेक्चरिंग सेक्टर 8.3 फीसदी की दर से बढ़ा, जिसके 7.1 फीसदी रहने का अनुमान था।
बताते चलें कि सीएसओ ने यह आंकड़े चुनाव आयोग से अनुमति लेने के बाद जारी किए हैं। इसके लिए कुछ शर्तें रखी गई थीं।