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पांच सालों में कम हुए समलैंगिक मतदाता, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ताओं ने जताई नाराजगी

Mon, 18 Mar 2019 06:06 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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आगामी लोकसभा चुनाव की तुलना में बीते (2014) लोकसभा चुनाव के मुकाबले समलैंगिक मतदाताओं की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं देखी गई है। समलैंगिक कार्यकर्ताओं ने इस पर नाराजगी जताई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार अन्य श्रेणी में नामांकित समलैंगिक उम्मीदवारों की कुल संख्या 38,325 है। पिछले पांच वर्षों में समलैंगिक मतदाताओं की संख्या में केवल 15,306 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। 

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समलैंगिकों ने यह दावा किया है कि उनकी जनसंख्या की तुलना में यह संख्या काफी कम है। उनमें से कई अभी भी स्वयं को मतदाता सूची में अन्य के तौर पर दर्ज करने से बचते हैं। भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार देश में समलैंगिकों की संख्या करीब 4.9 लाख है, लेकिन कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनकी जनसंख्या इससे बहुत ज्यादा है। पोल पैनल ने 2012 से समलैंगिकों को मतदाता सूची में ‘अन्य’ के रूप में पंजीकरण की अनुमति दी थी। 

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