चर्चित पत्रकार गौरी लंकेश के मर्डर की गुत्थी सुलझने की बजाय उलझती जा रही है। राज्य सरकार की ओर से एसआईटी की जांच के आदेश दे दिए गए हैं, लेकिन कोई बड़ा कदम अभी तक सामने नहीं आया है। लंकेश के मर्डर के आरोप में कई लोग घिर रहे हैं और उनमें एक सनातन संस्था भी शामिल हैं। ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सनातन संस्था का ने लंकेश के मर्डर की निंदा करते हुए कहा है उनके विचारों में मतभेद था, लेकिन मर्डर से उनका कोई संबंध नहीं है।
सनातन संस्था गोवा का एक हिंदू संगठन है जो कि हिंदू जनजागृति समिति से जुड़ा हुआ है। गुरुवार (21 सितंबर) को सनातन संस्था के प्रवक्ता चेतन राजहंस ने कहा कि हिंदू संगठन और लेफ्ट संगठनों के बीच विचारों का मतभेद है लेकिन इससे यह नतीजा निकालना कि हिंदू कार्यकर्ता ने ही हत्या की है यह गलत है। राजहंस ने आगे कहा कि उनका संगठन हमेशा विचारों की लड़ाई लड़ता है और हर चीज में लोकतांत्रिक व्यवस्था में यकीन रखता है।
राजहंस ने आगे कहा कि उनका संगठन कातिल तक पहुंचने के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का सहयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक उनके संगठन के किसी शख्स से SIT ने पूछताछ नहीं की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, राजहंस ने आरोप लगाया कि कुछ राजनेता, उदारवादी और गौरी लंकेश के मर्डर के पीछे बिना किसी सुबूत के हिंदू संगठनों का हाथ बता रहे हैं।
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गौरतलब है कि 5 सितंबर को 55 साल की गौरी लंकेश को कुछ अज्ञात लोगों ने उनके घर के सामने उनको गोली मारकर हत्या कर दी। मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने बताया था कि गौरी की हत्या के दिन संदिग्ध तीन बार उनके घर के बाहर नजर आए थे। यहां तक की उन्हें गोली मारने से 30-45 मिनट पहले भी एक संदिग्ध घर के बाहर घूमता नजर आ रहा है।
इस मामले में एसआईटी के हाथ कुछ सबूत भी लगे हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक स्कैच तैयार कर लिया गया है। फुटेज के मुताबिक, 34-38 साल का एक शख्स बजाज पल्सर पर नजर आ रहा है। उसने फॉर्मल शर्ट पहन रखी है और दाहिने हाथ में बैंड पहन रखा है। हेलमेट में शीशा और वाइजर नहीं था इसलिए उसका चेहरा भी कुछ हद तक दिखाई दे गया है।