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इन कारणों से हमेशा चर्चा में बनी रहती थी पत्रकार गौरी लंकेश

Wed, 06 Sep 2017 04:47 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
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gauri lankesh - फोटो : ट्व‌िटर
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गौरी लंकेश अपनी वीकली पत्रिका में कई महीनों से लगातार ज्वलंत मुद्दों को उठा रही थीं। चाहें वो रोहिंग्या रिफ्यूजी का मामला हो या फिर गोरखपुर की ट्रैजेडी, उन्होंने केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों के खिलाफ जम कर मुद्दे उठाती  थीं। 
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   कम्युनल हार्मनी फोरम को बढ़ावा देने वाली गौरी अक्सर ही अपने ट्वीट्स और पोस्ट को लेकर भी चर्चा में  रहती थीं। वह समय-समय पर व्यवस्था और सरकार की आलोचना करती थीं। नोटबंदी के बाद उन्होंने केंद्र सराकर के खिलाफ अभियान ही चला दिया था।
  Supreme Court asks Centre why it wants to deport Rohingya refugees https://t.co/NPHHYW5U4y via @scroll_in — Gauri Lankesh (@gaurilankesh) September 5, 2017
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 जानकर उन्हें एक खास धारा की समर्थक भी मानते हैं। उनके फेसबुक पेज पर रोहित वेमुला से लेकर जेएनयू के कन्हैया तक मौजूद हैं। कन्हैया को वो खूब पसंद भी करती थीं। गौरी का फेसबुक और ट्वीटर एकाउंट एक दूसरे से जुड़ा है और दोनों ही सोशल मीडिया पर वह बराबर से एक्टिव रहती थीं।

गौरी का आखिरी ट्वीट भी कुछ संदेश दे रहा था जिसमें उन्होंने लिखा है, हम लोग कुछ फर्जी पोस्ट शेयर करने की गलती करते हैं, आइए एक दूसरे को इसके बारे में बताएं और एक दूसरे को इस मामले में एक्सपोज करने से बचें।
वहीं अगले ही ट्वीट में गौरी लिखा, मुझे ऐसा क्यों लगता है कि हममें से कुछ लोग अपने आपसे लड़ाई लड़ रहे हैं, हम अपने सबसे बड़े दुश्मन को जानते हैं। वहीं उन्होंने कॉमरेड को शांति का संदेश भी दिया है।
  Ok some of us commit mistakes like sharing fake posts. let us warn each other then. and not try to expose each other. peace... comrades — Gauri Lankesh (@gaurilankesh) September 4, 2017



पिछले तीन महीनों में उन्होंने कुछ नेताओं के खिलाफ बातें लिखी थी जिसके बाद उन्हीं नेताओं  ने उनके खिलाफ मानहानि का दावा किया था जिसके बाद वो केस भी हार गई थीं। गौरी को छह महीने की जेल हुई थी, लेकिन उन्हें जमानत मिल गई थी।  

गौरी लंबे समय से जान से मारने की धमकी भी मिल रही थी।  गौरी  सोशल मीडिया पर भी खुलकर विचार रखती थीं। उन्होंने हाल ही में फेक न्यूज और उसके प्रोपेगेंडा पर जम कर लिखा, जिसके बाद वो विरोधियों की नजरों में आ गई थीं।  
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