गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को साल 2019 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा को लेकर दर्ज किए गए तीन मामलों में किसान नेता अखिल गोगोई को जमानत दे दी। हालांकि, वह उन मामलों को लेकर जेल में ही रहेंगे जिनकी जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) कर रही है।
डिब्रूगढ़ जिले के छाबुआ पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए मामलों में जमानत की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस मानस रंजन पाठक ने कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता गोगोई को जमानत दे दी। इस संबंध में गोगोई के खिलाफ अब दो ऐसे मामले हैं जिनकी जांच एनआईए के हाथ में है।
गोगोई के वकील शांतनु बोरठाकुर ने कहा, 'अब उन्हें (अखिल गोगोई) को एनआई के दो मामलों के अलावा बाकी सभी मामलों में जमानत मिल गई है। एनआईए के इन दो में से एक मामले की सुनवाई अगले कुछ दिनों में शुरू होगी। हमें उम्मीद है कि अदालत से उन्हें (गोगोई को) जमानत मिल जाएगी।'
इन तीन मामलों के लेकर गोगोई को 29 मई को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इस दौरान वह पहले से ही जेल में ही बंद थे। छाबुआ में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान के इन तीन मामलों में से एक पोस्ट ऑफिस, एक सर्किल ऑफिस और एक यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा को जलाने का था।
किसान मुक्ति संघर्ष समिति के सलाहकार गोगोई 11 जुलाई को गुवाहाटी सेंट्रल जेल में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। फिलहाल उनका गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज चल रहा है। गोगोई को 12 दिसंबर 2019 को असम के जोरहाट से गिरफ्तार किया गया था।