रेल मंत्रालय प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में जुट गया है। केंद्र सरकार के गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत रेलवे श्रमिकों को आठ लाख मानव दिवस रोजगार देगा। इस योजना पर 1800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा व झारखंड के 116 चिह्नित जिलों में रोजगार उपलब्ध कराएगा।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने बुधवार को रेलवे जोन और पीएसयू के महाप्रबंधकों व प्रबंध निदेशक के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर समीक्षा बैठक की। यादव ने जोनल रेलवे को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक जिले के साथ-साथ राज्यों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त करें ताकि राज्य सरकार के तालमेल बनाया जा सके। जोनल स्तर पर रेलवे प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रवासी मजदूरों को योजना में शामिल किया जाए। रेलवे के डेढ़ सौ से अधिक जगहों पर चल रहे काम में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराया जाए।
रोजाना कार्यों की होगी निगरानी
रेल मंत्रालय प्रतिदिन कार्यों की निगरानी करेगा। अक्तूबर तक हर शुक्रवार को मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपनी होगी। 125 दिनों का यह अभियान मिशन मोड में काम करेगा। इसमें 116 जिलों में रोजगार मिलेगा। मजदूरों को समतल क्रॉसिंग के एप्रोच सड़कों का निर्माण, ट्रैक के किनारे नालों को ठीक कर सफाई प्रबंधन, स्टेशनों के लिए एप्रोच रोड का निर्माण और रखरखाव, रेलवे ट्रैक के किनारे पौधा रोपण अभियान के तहत रोजगार मिलेगा।