भारत की सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। खतरनाक गैंगस्टर वेंकट गर्ग को गुरुवार को जॉर्जिया से भारत वापस लाया गया। यह कामयाबी सीबीआई, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और हरियाणा पुलिस के बेहतरीन तालमेल की वजह से मिली है। इन सभी विभागों ने मिलकर इस अपराधी को वापस लाने के लिए काम किया।
वेंकट गर्ग पर हरियाणा में कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी मांगना, संगठित अपराध और अवैध हथियारों का इस्तेमाल शामिल है। पुलिस ने उसे पहले भी गिरफ्तार किया था, लेकिन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह चकमा देकर फरार हो गया और बाद में कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए वह देश छोड़कर भाग गया था। उसे लगा था कि विदेश जाकर वह बच जाएगा, लेकिन भारतीय एजेंसियां लगातार उसका पीछा कर रही थीं।
उसे पकड़ने के लिए हरियाणा पुलिस ने इंटरपोल की मदद ली। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया, जिससे दुनिया भर की पुलिस को उसकी जानकारी मिल गई। इसी नोटिस की मदद से जॉर्जिया की पुलिस ने उसे ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद भारत सरकार ने उसे वापस लाने के लिए जॉर्जिया से औपचारिक अनुरोध किया।
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जॉर्जिया में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां की सरकार ने उसे भारत भेजने का फैसला किया। हरियाणा पुलिस की एक विशेष टीम उसे लेने के लिए जॉर्जिया गई थी। यह टीम गुरुवार को उसे लेकर दिल्ली पहुंची। अब उसे भारत में अपने किए गए अपराधों के लिए मुकदमे का सामना करना होगा।
यह सफल ऑपरेशन विदेशी सरकारों और इंटरपोल जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ भारत के लगातार तालमेल की कामयाबी को दिखाता है। अब अपराधियों के लिए विदेश भागकर छिपना आसान नहीं रह गया है। इंटरपोल और विदेशी सरकारों के साथ बढ़ते सहयोग से भगोड़ों को वापस लाना मुमकिन हो रहा है।