पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में आयोजित होने वाले गंगासागर मेले में अभी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मकर संक्रांति से पहले यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई। मकर संक्रांति उत्सव के अवसर पर गंगासागर मेला आठ जनवरी से 17 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। तीर्थयात्री पहले ही त्योहार के लिए आना शुरू हो गए हैं, क्योंकि कोविड महामारी के दो साल बाद गंगासागर मेले का आयोजन हो रहा है।
देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। मध्य प्रदेश से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि वह गंगासागर मेले के लिए बहुत अच्छे इंतजाम किए गए हैं। यहां हमें कोई दिक्कत नहीं हुई। एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, मैं यहां पहली बार आया हूं। स्थानीय लोग हमारी मदद कर रहे हैं। हमें अच्छी तरह से मार्गदर्शन कर रहे हैं। यहां की गई व्यवस्था से हम बहुत खुश हैं।
कोविड महामारी के दौरान गंगासागर द्वीप में मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाले मेले को कई पाबंदियों का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्सव में शामिल नहीं हो पाए थे। दो साल बाद श्रद्धालुओं को उत्सव में शामिल होने का मौका मिल रहा है। गंगासागर मेले में 14 से 15 जनवरी को पवित्र स्नान होगा।
मेले में 30 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल गंगासागर मेले में करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसको देखते हुए बंगाल सरकार ने सभी आवश्यक तैयारियां की हैं। लोगों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगभग 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
पांच लाख रुपये का बीमा
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रेम कॉन्फ्रेंस में मेले की तैयारियों की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि गंगासागर में तीन हेलीपैड का उद्घाटन किया गया है और मौरीग्राम पुल के लिए डिटेल रिपोर्ट प्रोजेक्ट (डीआरपी) तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेले में आठ से 17 जनवरी के बीच कोई अप्रिय घटना होने पर पांच लाख रुपये का बीमा प्रदान किया जाएगा।
बता दें, ठिठुरन में पौष पूर्णिमा स्नान के लिए गुरुवार को आस्था का रेला उमड़ पड़ा। कंपा देने वाली ठंड में आधी रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु देशभर में संगम तटों पर पहुंचने लगे। आज से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रथम पुण्य की डुबकी के साथ माघ मेले का आगाज हो जाएगा।