स्वदेशी अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने का यह बिल्कुल सही समय है। महामारी की चुनौतियों ने आत्मनिर्भरता के महत्व को जन-जन को समझाया है। चलिए मिलकर कदम बढ़ाते हैं आत्मनिर्भर भारत की ओर और इसकी शुरुआत करते हैं गांधी जयंती से। जी, हां युवाओं व बच्चों के हाथों में स्वदेशी का हथियार देकर हम आर्थिक चुनौतियों पर जीत हासिल कर सकते हैं, इसी सोच को आगे बढ़ाने का फैसला किया है उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने।
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता : परंपरा और भारतीयता का संगम
बच्चों के प्रति बापू के स्नेह को देखते हुए बोर्ड फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। प्रतियोगिता का विषय है पारंपरिक भारतीय या खादी पोशाक।
प्रतिभागी की उम्र: इसमें 03 से लेकर 07 साल तक के बच्चे हिस्सा ले सकते हैं।
मेगा ड्राइंग प्रतियोगिता : स्वदेशी, स्वच्छता और प्रकृति के चित्र उकेरें
स्वच्छता के नियम का पालन करते हुए प्रकृति यानी पेड़-पौधे, पशु पक्षी, धरती आकाश, पर्यावरण सभी सुरक्षित रहें और समृद्ध बनें, यही बापू का संदेश था। इसी थीम पर पेंटिंग बनाकर भेजना है।