वीरता पदक से सम्मानित सैन्यकर्मियों और तय मानदंडों के तहत उनके परिवारों को रेल यात्रा की सुविधा लेने के लिए अब कागजी प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहना होगा। नई डिजिटल व्यवस्था के तहत लाभार्थियों का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा और पात्रता की जांच पूरी होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास जारी किया जाएगा। इसके आधार पर रेल टिकट की बुकिंग ऑनलाइन की जा सकेगी।
वीरता पदक विजेता और उनके पात्र परिजनों को ट्रेनों में आजीवन निशुल्क यात्रा की सुविधा अब पहले नवंबर से डिजिटल रूप से उपलब्ध होने जा रही है। पात्र लाभार्थी इस तारीख से भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम के वेब पोर्टल के जरिए अपने रेल टिकट बुक कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें पहले भारतीय रेल रियायत कार्ड पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
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रक्षा मंत्रालय ने इस साल मार्च में सेना पदक (वीरता), नौसेना पदक (वीरता) और वायुसेना पदक (वीरता) से सम्मानित जवानों के लिए आजीवन निशुल्क रेल यात्रा की मंजूरी दी थी। यह सुविधा उनके पति या पत्नी तथा अविवाहित अवस्था में वीरगति पाने वाले पदक विजेताओं के माता-पिता को भी निर्धारित शर्तों के तहत मिलेगी। विधवा या विधुर को यह सुविधा पुनर्विवाह तक प्राप्त होगी। इन श्रेणियों के पदक विजेताओं को प्रथम श्रेणी, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी और वातानुकूलित कुर्सीयान में निशुल्क यात्रा की अनुमति दी गई है।
कागजी प्रक्रिया की जगह ई-पास की हुई व्यवस्था
सेना ने बताया कि इस सुविधा को लागू करने के लिए कागज रहित डिजिटल व्यवस्था तैयार की गई है। पात्र लाभार्थी भारतीय रेल रियायत कार्ड पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। पहचान और पात्रता के सत्यापन के बाद उनके लिए इलेक्ट्रॉनिक यात्रा पास जारी किया जाएगा। इसके बाद पहले नवंबर से भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम के पोर्टल पर टिकट बुकिंग शुरू होगी। सेना ने इस पहल को सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण और सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता बताया है।