गगनयान मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत का ख्याल रखने के लिए डॉक्टर भारत से जाएंगे। फ्रांस इन भारतीय डॉक्टरों को अंतरिक्ष में रहने का विशेष प्रशिक्षण देगा। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दो हफ्तों की यह ट्रेनिंग 2022 में 3 भारतीयों को अंतरिक्ष गगनयान मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसरो के एक अधिकारी ने बताया कि मिशन के लिए फ्लाइट सर्जनों का चयन शीघ्र किया जाएगा। ये सर्जन भारतीय वायुसेना में एविएशन मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे। इनके प्रशिक्षण को लेकर एक एमओयू पर इस हफ्ते के अंत में तब हस्ताक्षर किए जाएंगे जब फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस के अध्यक्ष जीन वेस ले गाल बंगलूरू आएंगे। गौरतलब है कि गगनयान मिशन पर भेजने के लिए चुने गए भारतीय वायुसेना के चार टेस्ट पायलट अभी रूस में 11 महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।
गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है जिसे इसरो द्वारा दिसंबर 2021 तक प्रक्षेपित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसरो भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करने के लिए काम कर रहा है।
अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा जाएगा और यान में पर्याप्त ऑक्सीजन और गगनयान के यात्रियों के लिए जरूरी अन्य सामान के साथ कैप्सूल जुड़ा होगा। पहले गगनयान यात्रियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 साल रखी गई थी लेकिन इस आयु वर्ग का कोई भी पायलट शुरुआती परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके जिसके बाद अधिकतम उम्र 41 साल कर दी गई।