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G20: विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए इस्राइली 'टेवर X95' गन ही क्यों, कैसे होगी जिनपिंग और सुनक की सुरक्षा?

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 29 Aug 2023 07:17 PM IST

सार

सबसे ज्यादा सुरक्षा अमेरिकी राष्ट्रपति 'जो बाइडेन' की रहेगी। बाइडेन की सुरक्षा में 'अमेरिकी सीक्रेट सर्विस' के लगभग तीन सौ कमांडो तैनात रहेंगे। दिल्ली की सड़कों पर सबसे बड़ा कारकेड (काफिला) भी अमेरिकी राष्ट्रपति का होगा। उनके कारकेड में 40 से ज्यादा वाहन शामिल हो सकते हैं।
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G20 - फोटो : Amar Ujala


इसके अलावा दिल्ली पुलिस के भी 45 सौ जवान 'एमपी 5' कार्बाइन से लैस होकर विदेशी मेहमानों की हिफाजत करेंगे। कुछ देश, अपने राष्ट्रध्यक्ष और प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाएंगे। ऐसे देशों में अमेरिका, चीन और ब्रिटेन आदि शामिल हैं। 


विशेष दस्तों की रियल टाइम प्रेक्टिस शुरू

बता दें कि विदेशी मेहमानों की अचूक सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ द्वारा ग्रेटर नोएडा स्थित, वीआईपी सिक्योरिटी ट्रेनिंग सेंटर में 1000 'रक्षकों' का विशेष दस्ता तैयार किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों से सीआरपीएफ के दर्जनभर ट्रेनरों ने इस विशेष दस्ते को प्रशिक्षित किया है। इन रक्षकों की लगभग 50 टीमें बनाई जाएंगी। इन सभी जवानों की एनसीसी ग्राउंड में शिफ्टिंग शुरु हो गई है। वहां पर इनकी रियल टाइम प्रेक्टिस होगी। उसके बाद ये अपने तैनाती स्थल पर पहुंच जाएंगे।


सीआरपीएफ के वीआईपी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में जिन एक हजार जवानों को प्रशिक्षण दिया गया है, वे सामान्य कर्मी नहीं हैं। इनमें वे सभी जवान शामिल हैं, जो पूर्व में वीआईपी सुरक्षा का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने एसपीजी और एनएसजी जैसी सुरक्षा यूनिटों के साथ काम किया है। ये सभी जवान, विदेशी राष्ट्रध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों के 'कारकेड' में चलेंगे। दूसरे स्थलों पर इन्हें सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन्हीं में से कुछ ड्राइवरों को भी ट्रेनिंग दी जा रही है। 


'जो बाइडेन' की रहेगी सबसे ज्यादा सुरक्षा

सबसे ज्यादा सुरक्षा अमेरिकी राष्ट्रपति 'जो बाइडेन' की रहेगी। बाइडेन की सुरक्षा में 'अमेरिकी सीक्रेट सर्विस' के लगभग तीन सौ कमांडो तैनात रहेंगे। दिल्ली की सड़कों पर सबसे बड़ा कारकेड (काफिला) भी अमेरिकी राष्ट्रपति का होगा। उनके कारकेड में 40 से ज्यादा वाहन शामिल हो सकते हैं।


चीन, ब्रिटेन और रूस के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं के सिक्योरिटी दस्ते उठाएंगे। सुरक्षा से जुड़ा साजोसामान इन्हीं देशों से दिल्ली आएगा। कुछ ही भारतीय कमांडो, वो भी दूर के घेरे में शामिल होंगे। हथियार और खोजी कुत्ते भी संबंधित देशों से ही आएंगे। 'टेवर X95' गन को नजदीक की लड़ाई के लिए बहुत कारगर माना जाता है। निशाना साधने में इसकी एक्यूरेसी बहुत अधिक है। एक्स 95 पर पिकेटिनी रेल (राइफल के ऊपर लगा एक प्लेटफॉर्म) होता है। पिकेटिनी रेल पर नाइट विजन डिवाइस लगी रहती है। इसकी मदद से दिन और रात में लंबी दूरी तक सटीक निशाना लगाया जा सकता है।

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