देश की राजधानी में जी20 शिखर सम्मेलन में दुनियाभर के नेताओं का जमावड़ा रहा। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चाएं की गईं साथ ही कई मुद्दों पर सहमति बनी। वहीं, पर्यटन मंत्रालय ने रविवार को कहा कि यहां जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान सतत सामाजिक-आर्थिक विकास और समृद्धि में पर्यटन और संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका का सर्वसम्मति से समर्थन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।
‘नई दिल्ली लीडर्स समिट डिक्लेरेशन’ की शनिवार को घोषणा की गई और इसे शनिवार को स्वीकार किया गया। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाई गई जी20 नई दिल्ली नेताओं की घोषणा में "एसडीजी हासिल करने के माध्यम के रूप में पर्यटन के लिए गोवा रोडमैप" के महत्व को रेखांकित किया गया।
शिखर सम्मेलन वैश्विक एकता और सहयोग को बढ़ावा देने में भारत के नेतृत्व के प्रमाण के रूप में खड़ा है। घोषणापत्र में कहा गया है कि इसमें दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं का जमावड़ा देखा गया, जो भविष्य के लिए एक साझा दृष्टिकोण से एकजुट हुए।
बयान में कहा गया है कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता वैश्विक सहयोग की भावना की पुष्टि करती है। मंत्रालय ने कहा, 'गोवा रोडमैप', भारत के जी20 पर्यटन ट्रैक का प्रमुख वितरण, एक अग्रणी पहल है जो टिकाऊ वैश्विक पर्यटन के लिए एक खाका प्रदान करता है। घोषणापत्र में कहा गया है कि भारत की जी20 प्रेसीडेंसी की थीम के साथ संरेखित गोवा रोडमैप, समाज, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण प्रबंधन में पर्यटन की भूमिका को रेखांकित करता है।
भारत की अध्यक्षता विचारों को रखने व सर्वसम्मति बनाने में सक्षम : जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, जी-20 समिट और द्विपक्षीय बैठकों का रविवार को समापन हो गया। दिल्ली घोषणापत्र से पता चलता है कि भारत की अध्यक्षता विचारों को सामने लाने, वैश्विक मुद्दों को आकार देने, खाई को पाटने और सर्वसम्मति बनाने में सक्षम है। हमने वैश्विक दक्षिण पर अपना ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने कहा इस शिखर सम्मेलन के पांच अहम नतीजों को इस रूप में जाना जा सकता है।
1 हरित विकास समिति
2 सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कार्ययोजना
3 भ्रष्टाचार रोधी उच्चस्तरीय सिद्धांत
4 डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को समर्थन
5 बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार