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G20: 'निष्कर्ष के बारे में पहले से अनुमान लगाना ठीक नहीं', MEA ने कहा- कल होगी विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक

Wed, 01 Mar 2023 05:15 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश सचिव क्वात्रा ने कहा, यह किसी भी जी-20 अध्यक्ष द्वारा आयोजित विदेश मंत्रियों की सबसे बड़ी बैठक में से एक है। बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर विदेश मंत्रियों की बैठक के दो सत्रों की अध्यक्षता करेंगे।
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विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने बुधवार को बताया कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक कल होगी। मंत्रिस्तर की यह दूसरी बैठक होगी। आयोजन स्थल राष्ट्रपति भवन का सांस्कृतिक केंद्र होगा। 40 प्रतिनिधिमंडलों के भाग लेने की उम्मीद है।

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'घरेलू वजहों से नहीं आ सकेंगे जापानी विदेश मंत्री'
उन्होंने कहा, "हम यह मानते हैं कि जापानी विदेश मंत्री अपनी घरेलू मजबूरियों के कारण नहीं आ पा रहे हैं, लेकिन हम आने वाले जापानी प्रतिनिधिमंड से परामर्श, सक्रिय भागीदारी और समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं।" विदेश सचिव ने कहा, बैठक में रूस-यूक्रेन संघर्ष का विश्व पर आर्थिक प्रभाव और अन्य प्रभावों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करेंगे जयशंकर
विदेश सचिव क्वात्रा ने कहा, यह किसी भी जी-20 अध्यक्ष द्वारा आयोजित विदेश मंत्रियों की सबसे बड़ी बैठक में से एक है। बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर विदेश मंत्रियों की बैठक के दो सत्रों की अध्यक्षता करेंगे। पहला सत्र बहुपक्षवाद, खाद्य और ऊर्जा से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित होगा। दूसरे सत्र में आतंकवाद और नशीले पदार्थों का मुकाबला करने, नए उभरते खतरों सहित चार या पांच प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के लेकर विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि हम कल की बैठक को लेकर उम्मीद करते हैं इसमें आतंकवाद की समस्या और उसकी चुनौतियों को लेकर G20 देशों की आवश्यकता पर एक स्पष्ट, मजबूत सर्वव्यापी संदेश देगी। उन्होंने आगे कहा कि जब आप आतंकवाद का मुकाबला करने की बात करते हैं, तो इसमें कई चरण होते हैं, इनसे निपटने की आवश्यकता होती है। मनी लॉन्ड्रिंग इनमें से ही एक है। उन्होंने कहा कि जब आप 90 के दशक की शुरुआत में आतंकवाद की बात करते हैं तो उस समय नार्को-फाइनेंसिंग एक मुद्दा था, जोकि अब पुराना हो चुका है।  अब राष्ट्रों में आतंकवाद फैलाने में क्रिप्टो-मुद्राओं का उपयोग हो रहा है। ऐसे में क्रिप्टो जी20 विचार-विमर्श में आतंकवाद का मुकाबला करने का एक घटक बन जाएगा।

इस दौरान विदेश सचिव ने यह भी याद दिलाया कि बेंगलुरू में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर की बैठक में क्रिप्टो करेंसी पर चर्चा के लिए व्यापक चर्चा की गई थी। 

गौरतलब है कि जी-20 विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक बुधवार शाम से शुरू होने वाली है और मुख्य चर्चा बृहस्पतिवार को होगी। इससे पहले, क्वात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बैठक के निष्कर्ष के बारे में पहले से अनुमान लगाना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस विषय पर चर्चा होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक एवं विकास सहयोग में रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव हमारे लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कहा कि बैठक में बहुपक्षवाद, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, विकास सहयोग, आतंकवाद से निपटने जैसे मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा।


यूक्रेन युद्ध में बातचीत, कूटनीति आगे बढ़ने का रास्ता
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख यह है कि 'यह युद्ध का समय नहीं है'। बातचीत और कूटनीति आगे बढ़ने का रास्ता है। बैठक में विदेश मंत्रियों के एजेंडे पर चर्चा होनी है। स्थिति को देखते हुए रूस-यूक्रेन विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान चर्चा का महत्वपूर्ण बिंदु होगा। विदेश मंत्री रूस-यूक्रेन की स्थिति पर फोकस करेंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे (विभिन्न देशों के विदेश मंत्री)  क्या लेकर आते हैं, क्या समझ विकसित होती है।

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