भारत ने एक दिसंबर को जी20 की अध्यक्षता ग्रहण की जो एक साल तक रहेगी, वहीं सरकार इसको भव्य बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। भारत में 55 स्थानों पर 200 से अधिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक भारत में जी20 प्रतिनिधियों को महाराष्ट्र में अजंता और एलोरा की गुफाओं से लेकर दिल्ली में ऐतिहासिक स्मारकों को दिखाया जाएगा। साथ ही अपनी सदियों पुरानी विरासत का प्रदर्शन भी करेगा और मेहमानों को भारतीय संस्कृति के भव्य रात्रिभोज भी कराया जाएगा।
जी20 की पहली बैठक पहले हफ्ते में उदयपुर में हुई थी जब जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने बैठक में शिरकत की थी। अधिकारियों ने कहा कि इसके अलावा मेहमानों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आतिथ्य का अनुभव कराया जाएगा। इसके अलावा, प्रतिनिधियों को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, कुंभलगढ़ किले के भ्रमण पर भी ले जाया जाएगा।
सूत्र ने बताया कि, प्रतिनिधियों के लिए एक यात्रा कार्यक्रम तैयार किया गया है। भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संपदा दिखाने के लिए जी20 बैठक एएसआई के कुछ बहुत प्रसिद्ध स्थलों पर होंगीं, जो करीब दिसंबर से मार्च तक चलेंगी। इन कार्यक्रमों में एक स्मारक के साथ भ्रमण और भव्य रात्रिभोज शामिल होंगे।
बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों में होंगी जी20 बैठकें
नियोजित जी20 बैठकें न केवल बड़े महानगरों में बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी आयोजित की जानी है। वहीं सरकार ने एएसआई को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए निर्देश दे दिए हैं जिसको लेकर एएसआई कमर कस रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत संरक्षित भारत में कुल 3,693 विरासत स्थल हैं जो केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के दायरे में आते हैं। वहीं सरकार ने कर्नाटक में भोगा नंदीश्वर मंदिर और महाराष्ट्र में एलिफेंटा गुफाओं को पहले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट कर लिया है। सूत्र ने कहा, केवल दिसंबर-मार्च की अवधि के लिए यात्रा कार्यक्रम अभी तक ज्ञात है।
G-20 समूह में ये देश हैं शामिल
G-20 देशों के समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।