जंगलों में लगी आग (दावानल) की वजह से भारत ने अपनी भूमि की 2 फीसदी हरियाली गंवा दी। पूरी दुनिया में 29 फीसदी जंगल पिछले 20 साल में यह आग जला चुकी है। भारत की जी-20 अध्यक्षता में पर्यावरण और जलवायु की स्थिरता पर बने वर्किंग ग्रुप (ईसीएसडब्ल्यूजी) की बंगलूरू में हो रही पहली बैठक में गुरुवार को इस पर केंद्रित चर्चा शुरू हुई। इसे रोकने पर जोर दिया गया। जी-20 देशों में पृथ्वी के 80 फीसदी जंगल आते हैं। इस वजह से इन देशों के प्रतिनिधियों की बैठक को अहम माना जा रहा है।
ईसीएसडब्ल्यूजी उन 13 ग्रुप में से है जो जी-20 के शेरपा ट्रैक के तहत बने। यह फरवरी से मई के बीच 4 बैठकें करेगा। पहली बैठक में भारतीय वानिकी अनुसंधान व शिक्षा परिषद के महानिदेशक एएस रावत ने खनन से प्रभावित भूमि को लेकर कहा कि इसे सुधारने में साल 2040 तक जी-20 देशों का योगदान 50 फीसदी बढ़े, यह प्रयास भारत कर रहा है। हमने खुद भी साल 2030 तक 2.5 करोड़ हेक्टेयर भूमि सुधारने, यहां हरियाली बढ़ाने व वातावरण से करीब 250 करोड़ टन कार्बन डाई ऑक्साइड अलग करने के लक्ष्य रखे हैं। शेरपा ट्रैक वैश्विक चुनौतियों और गैर-वित्तीय लेकिन आर्थिक मुद्दों पर चर्चा और समाधान तलाश कर जी-20 के एजेंडा और प्राथमिकता वाले मुद्दों पर सिफारिशें देगा।
समूह फरवरी और मई के बीच चार बैठकें करेगा
पर्यावरण और जलवायु स्थिरता कार्य समूह फरवरी और मई के बीच चार बैठकें करेगा। बेंगलुरु में चल रही पहली बैठक 9 फरवरी तक जारी रहेगी, दूसरी गांधीनगर (27-29 मार्च), तीसरी मुंबई (21-23 मई) और चौथी चेन्नई (26-27 मई) में होगी। मंत्रिस्तरीय बैठक 28 जुलाई को चेन्नई में होने की उम्मीद है।
भूमि क्षरण, जैव विविधता हानि, समुद्री प्रदूषण, संसाधनों की अत्यधिक खपत और अपशिष्ट अवशोषण की कमी अहम पर्यावरणीय मुद्दे हैं जिन पर भारत की G20 अध्यक्षता में चार ECSWG बैठकों में चर्चा की जाएगी।
जी-20 में अमेरिका की रहेगी सार्थक भागीदारी : शृंगला
जी-20 की अध्यक्षता के लिए मुख्य समन्वयक हर्षवर्धन शृंगला ने दिल्ली में भारत के लिए अमेरिका की चार्ज डी अफेयर्स, एलिजाबेथ जोंस और उप मंत्री काउंसलर फिल कमिंग्स से मुलाकात की। शृंगला ने कहा, जी-20 के लिए अमेरिका ने आश्वासन दिया है कि इसमें उनकी भागीदारी मजबूत और सार्थक रहेगा। शृंगला ने ट्विटर पर कहा, यह बैठक काफी उपयोगी रही। जी-20 आयोजन में चार्ज डी अफेयर्स ने अमेरिका की सार्थक भागीदारी का आश्वासन दिया है। अक्तूबर में, एलिजाबेथ जोंस को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में चार्ज डी अफेयर्स नियुक्त किया गया था। भारत ने एक दिसंबर, 2022 को जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की। इसके बाद से अमेरिका ने निरंतर अपना पूरा समर्थन दिया है।