केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर उसके स्थान पर 'जी राम जी योजना' लाने का विरोध जारी है। सोमवार को जंतर-मंतर पर पहुंचे सैकड़ों मनरेगा श्रमिकों ने सरकार से जी राम जी योजना को वापस लेकर मनरेगा योजना को दुबारा लागू करने की मांग की।
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को समाप्त कर उसके स्थान पर 'जी राम जी योजना' लाने का विरोध जारी है। सोमवार को जंतर-मंतर पर पहुंचे सैकड़ों मनरेगा श्रमिकों ने सरकार से जी राम जी योजना को वापस लेकर मनरेगा योजना को दुबारा लागू करने की मांग की। श्रमिकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि वर्तमान संसद सत्र के दौरान ही जी राम जी योजना को वापस लेने की घोषणा नहीं की गई तो वे संसद घेरने के लिए मजबूर होंगे।
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मनरेगा कानून के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोमवार को जंतर-मंतर पर पूरे देश से आए मनरेगा श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। श्रमिकों और मनरेगा संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि मनरेगा योजना केवल श्रमिकों के लिए आजीविका का साधन नहीं थी, बल्कि इसके कारण कोरोना जैसे आपात काल में देश के करोड़ों श्रमिकों को रोजगार देना संभव हो पाया। उनके अनुसार, केवल इसी योजना के कारण कोरोना काल के दौरान आपूर्ति व्यवस्था ठप नहीं पड़ने पाई और देश की अर्थव्यवस्था में गति बनी रही। श्रमिकों के अनुसार, ऐसे में सरकार को मनरेगा योजना को समाप्त करने का निर्णय नहीं लेना चाहिए।
मनरेगा बचाओ मोर्चा के संयोजक धीरज गाबा ने कहा कि मनरेगा की जगह जी राम जी योजना लाना कोई सुधार नहीं है, बल्कि यह दशकों के संघर्ष से हासिल मज़दूर अधिकारों को छीनने की साजिश है। मनरेगा बचाओ मोर्चा के प्रबल प्रताप शाही ने कहा कि विकसित भारत–रोज़गार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण), 2025 ग्रामीण और खेतिहर मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस कानून को रद्द करने के साथ-साथ लेबर कोड समाप्त करने की घोषणा करनी चाहिए।