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तबरेज अंसारी मामला: केंद्र सरकार ने कहा कानून करेगा अपना काम

Thu, 12 Sep 2019 02:53 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जी किशन रेड्डी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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झारखंड पुलिस ने तबरेज अंसारी भीड़ हिंसा केस मामले में दायर आरोपपत्र में हत्या की धारा हटा दी है। जिसपर की काफी विवाद हो रहा है। इसपर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने आरोपपत्र से हत्या की धारा हटाए जाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि यह आपराधिक कृत्य था।

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पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि अदालत में क्या हुआ। मैं चाहता हूं कि जो कुछ भी हुआ था, जो भी आपराधिक कृत्य हुआ था, दोषी को सजा दी जानी चाहिए।' रेड्डी ने कहा कि वह इस मामले में राज्य सरकार से बात करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या से गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई हो तो उन्होंने कहा, 'कानून अपना कान करेगी।'

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने उस बात को खारिज कर दिया कि भीड़ हिंसा की कथित घटनाएं केवल भाजपा शासित राज्यों में हो रही हैं। उन्होंने कहा, 'इस तरह की घटनाएं पश्चिम बंगाल में भी हुई हैं। इस तरह के कई मामले पहले भी हुए हैं, 'सभी मामले भाजपा शासित राज्यों में नहीं हुए हैं।' रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि ऐसी घटनाएं कहीं नहीं होनी चाहिए।
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बता दें कि लगभग चार महीने पहले झारखंड के सरायकेला-खरसावां में चोरी का कथित आरोप में भीड़ द्वारा पीटे गए 22 वर्षीय तबरेज अंसारी की मौत हो गई थी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत 11 आरोपियों पर दर्ज मामले को खारिज कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कि कहा गया है कि अंसारी की दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) से मृत्यु हुई और यह कहा गया है कि यह पूर्व नियोजित हत्या का मामला नहीं है। 

झारखंड पुलिस ने पिछले महीने चार्जशीट में धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इससे पहले अंसारी की पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर सरायकेला-खरसावां के एसपी कार्तिक एस ने कहा कि हमने दो कारणों से आईपीसी की धारा 304 के तहत आरोप पत्र दायर किया। पहली वजह यह है कि वह (तबरेज अंसारी) मौके पर नहीं मरा। ग्रामीणों का अंसारी को मारने का कोई इरादा नहीं था। 

18 जून को धातकीडीह गांव में भीड़ ने अंसारी को एक पोल से बांध दिया, उस पर चोरी का आरोप लगाया और उसके साथ मारपीट की। उसे कथित तौर पर 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' बोलने के लिए मजबूर किया। उस पर हुए हमले के बाद, अंसारी को पुलिस ने चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चार दिन बाद, उसे एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने मारपीट में घायल होने के कारण दम तोड़ दिया।

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