जर्मनी के हैम्बर्ग में होने वाले G20 के शिखर सम्मेलन पर चीन ने भारत से दो टूक कह दिया है कि पहले भारत बॉर्डर विवाद को सुलझाये उसके बाद ही G20 में मुलाकात होगी। गौरतलब है कि इस बार G20 सम्मेलन जर्मनी के हैमबर्ग में होने वाला है। चीन ने कहा कि वह भारत से तब तक द्विपक्षीय वार्ता के लिए तैयार नहीं होगा जब तक भारत चीन के साथ सीमा विवाद को नहीं सुलझायेगा। वहीं, दूसरी तरफ भारत सरकार के विदेश मामलों के मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि चीनी राष्ट्रपति के साथ इस जी20 बैठक के दौरान मिलने की कोई योजना पहले सी ही नहीं थी। एमईए ने साफ कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी में जी-20 की बैठक से इतर 8 देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे, इसमें चीनी राष्ट्रपति से मिलने की कोई योजना थी ही नहीं। ऐसे में चीनी सरकार द्वारा जी-20 के दौरान मुलाकात को लेकर घुड़की देना उसके दबाव बनाने की रणनीति से अलग कुछ नहीं समझा जाना चाहिए।
भारत सरकार के विदेशी मामलों के मंत्रालय ने चीन की मुलाकात से मना करने जैसी खबरों पर कहा कि जी-20 के दौरान चीनी नेता से मिलने की हमारी कोई योजना थी ही नहीं। हम सिर्फ 8 देशों के शीर्ष नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, इसमें चीन का नाम ही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 के दौरान अर्जेंटीना, कनाडा, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, इंग्लैंड और वियतनाम के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसमें चीनी नेता से मिलने की बात कहीं कही ही नहीं गई है।
PM's pre-planned bilateral meetings on sidelines of G20 Summit are with Argentina, Canada, Italy, Japan, Mexico, ROK, UK and Vietnam:MEA
— ANI (@ANI_news) July 6, 2017
भारत सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जर्मनी यात्रा में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। ऐसे में चीनी सरकार के दावे बेबुनियाद से लगते हैं।
In addition, PM will also participate in the BRICS Leaders' meeting. There is no change in the Prime Minister's schedule:MEA
— ANI (@ANI_news) July 6, 2017
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी के हैमबर्ग में हो रही जी-20 की बैठक में शामिल होंगे।
Prime Minister Narendra Modi is visiting Hamburg(Germany) from 6-8 July for G-20 Summit: MEA
— ANI (@ANI_news) July 6, 2017
बता दें कि सिक्किम बार्डर पर भारत और चीन के बीच तनातनी चल रही है। चीन ने भारतीय सैनिकों पर चीनी क्षेत्र में घुसने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि भारतीय सैनिकों ने चीनी सीमा में घुसकर डोकलाम में चल रहे रोड निर्माण कार्य को रोका है। वहीं इस क्षेत्र पर भूटान अपना अधिकार बता रहा है।
भारत भूटान के इस दावे का समर्थन कर रहा है। भारत का कहाना है कि चीन भूटान की सीमा में रोड निर्माण कर रहा है। जिससे उसकी सीमा की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। दोनों देशों के बीच इस बात को लेकर बीते एक महीने से गहमागहमी चल रही है।
भारत और चीन सीमा पर चल रहे विवाद के बीच चीनी अखबार ने सिक्किम को 'आजाद' कराने और भारत से अलग करने की बात कही है। साथ ही चीनी मीडिया का कहना है कि बीजिंग को विश्व के सामने सीमा संधियों को लेकर रैली करनी चाहिए और नई दिल्ली को भूटान पर दबाव डालने से भी रोकना चाहिए।