'दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है', यह कहावत अब पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पर सटीक बैठ रही है। गजेंद्र चौहान विवाद के बाद संस्थान इस बार पहले से ही छात्रों से शालीनता का एफीडेविट साइन करवा रहा है।
गत वर्ष संस्थान में हुई झड़पों और विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए संस्थान प्रबंधन ने यह नया नियम लाया है। इस बार संस्थान में नए छात्र 'डेकोरम एंड डीसेंसी ऑन द कैंपस' एफीडेविट पर हस्ताक्षर करने के बाद शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करने के लिए बाध्य माने जाएंगे।
वरिष्ठ छात्रों की मानें तो ऐसा पहली बार है जब छात्रों से इस तरह का एफीडेविट मांगा जा रहा है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस नए नियम पर प्रतिक्रिया देने के लिए एफटीआईआई के चेयरमैन गजेंद्र चौहान और डायरेक्टर भूपेंद्र कैंथोला दोनों उपलब्ध नहीं रहे।