भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई ने कहा है कि वह देशभर में बूचड़खानों का निरीक्षण करेगा। प्राधिकरण अगले तीन महीनों में 40 शहरों में मौजूद नगरपालिका के बूचड़ खानों और कसाई घरों में साफ-सफाई को चेक करेगा। साथ ही प्राधिकरण ने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड से भी मानकों की समीक्षा करने का प्रस्ताव दिया है।
एफएसएसएआई का कहना है कि यह निरीक्षण थर्ड पार्टी एजेंसियां करेगी। खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर रिटेल में मीट बेचने वाले या मीट उत्पाद बेचने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों की सप्लाई चेन का भी निरीक्षण किया जाएगा। एफएसएसएआई ने यह फैसला स्टेकहोल्डर्स की बैठक के बाद लिया है। खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के मुताबिक पिछले कुछ समय से देश-विदेश में एनीमल प्रोटीन की मांग बढ़ी है।
एफएसएसएआई के मुताबिक देश में मछली, मटन की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में जरूरी है कि एनिमल प्रोटीन की गुणवत्ता को बरकार रखा जाए और सुनिश्चित किया जाएगा कि बूचड़ खानों में हाइजीन मानकों का पूर्णतया पालन हो। इसे सुनिश्चित करने के लिए एफएसएसएआई ने देश के 40 शहरों के बूचड़खानों का निरीक्षण करने का फैसला लिया है। साथ ही प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि जल्द ही ‘स्वच्छ एवं सुरक्षित मीट’ कैंपेन शुरू किया जाएगा, जिसमें ग्राहकों को मीट-मछली जैसे उत्पादों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इसके अलावा प्राधिकरण ‘लोह यात्रा मूवमेंट’ भी शुरू करेगा, जिसमें बूचड़खानों और कसाई खानों में साफ-सफाई की जानकारी दी जाएगी। इसके तहत 40 शहरों के दो हजार से ज्यादा स्थानों पर इस अभियान का आयोजन होगा।