उत्तर प्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर सभी दुकानों के सामने दुकानदार का नाम लिखना अनिवार्य करने का आदेश दिया था, तब खूब बवाल मचा था। इसे मुसलमानों के विरुद्ध बताते हुए इसे वापस लेने की अपील की गई थी और यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया था। लेकिन अब खाद्य मामलों की नियामक संस्था (FSSAI) ने एक आदेश जारी कर कहा है कि खाने-पीने की सभी दुकानों, रेस्टोरेंट और ढाबे के सामने दुकानदारों को दुकान का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन लिखना-दिखाना अनिवार्य होगा। यह जानकारी ऐसी जगह पर चिपकानी होगी जहां रेस्टोरेंट-ढाबे पर आने वाले हर ग्राहक को आसानी से दिखाई दे सके।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने यह भी आदेश दिया है कि सभी खाने-पीने की दुकानों के सामने फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का क्यूआर कोड लगाना भी अनिवार्य होगा जिससे भोजन की गुणवत्ता में कमी या किसी भ्रामक दावे के खिलाफ ग्राहक तुरंत शिकायत कर सकें। एप से आई इन शिकायतों को तत्काल उस क्षेत्र की संबंधित एजेंसी को भेज दिया जाता है जिससे उस पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इससे ग्राहकों को उचित गुणवत्ता का भोजन या अन्य खाद्य पदार्थ उचित कीमत पर मिल सके।
भोजन के संदर्भ में सतर्क हुई सरकार
आजकल लोगों को हो रही विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता पर सतर्क हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तक लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और सही गुणवत्ता की वस्तुओं को खाने की अपील कर रहे हैं। इसी तरह एफएसएसएआई के अलावा अन्य एजेंसियों के द्वारा लगातार इस तरह के निर्देश दिए जाते हैं जिससे लोगों को बेहतर खाद्य पदार्थों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा सके।