श्रावस्ती के भिखारीपुर मसढ़ी गांव की रूबी आज बीए की पढ़ाई कर रही है और एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ा भी रही है। उसने जिस साल दसवीं पास की उसी साल उसके पिता और भाभी का देहांत हो गया। रूबी ने भी हौसला हारते हुए मान लिया कि अब आगे की पढ़ाई बंद। लेकिन स्कूल के प्रिंसिपल, मां और भाई ने समझाया कि सुख और दुख तो जिंदगी के जुड़े हुए पहलू हैं। दोनों को हंस कर सहते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
रूबी ने न केवल अपना बाल विवाह रोका बल्कि अपनी बड़ी बहन को भी इससे बचाया। स्कूल में कैमिस्ट्री पढ़ाते हुए रूबी सोडियम और ऑक्सीजन के संयोग से बनने वाले यौगिक के समीकरण को आराम से जब छात्रों को समझाती है, तो देखने वाले ताज्जुब करते हैं। रूबी को भरोसा है कि वह आगे चलकर एक बेहतरीन शिक्षिका बनेगी। स्मार्ट बेटियां अभियान से जुड़ी इंटरनेट साथी रेखा ने रूबी और उसके परिवार वालों से मिलकर यह वीडियो कथा बनाई है।
अमर उजाला फाउंडेशन, यूनिसेफ, फ्रेंड, फिया फाउंडेशन और जे.एम.सी. के साझा अभियान स्मार्ट बेटियां के तहत श्रावस्ती और बलरामपुर जिले की 150 किशोरियों-लड़कियों को अपने मोबाइल फोन से बाल विवाह के खिलाफ काम करने वालों की ऐसी ही सच्ची और प्रेरक कहानियां बनाने का संक्षिप्त प्रशिक्षण दिया गया है। इन स्मार्ट बेटियों की भेजी कहानियों को ही हम यहां आपके सामने पेश कर रहे हैं।