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वोटर ID से पासपोर्ट तक: फर्जी दस्तावेज से भारत में जिहादी खेल रहे खतरनाक खेल; आतंक की नर्सरी चला रहे घुसपैठिये

सार

अमर उजाला को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिससे एसआईआर ही नहीं, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अहमियत भी स्पष्ट हो जाती है। ये घुसपैठिये सिर्फ संसाधन ही नहीं लूट रहे, बल्कि देश के नीचे एक ऐसा डायनामाइट बिछा रहे हैं, जिसे पहचाना नहीं गया तो परिणाम घातक हो सकते हैं। इस चक्रव्यूह को गैरजिम्मेदार राजनीति मजबूत कर रही है। कुछ किरदारों और केस स्टडी के जरिये इस साजिश की परतें उधेड़ते हैं...
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आतंकवाद की नर्सरी भी चला रहे बांग्लादेशी घुसपैठिये - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हमसे और आपसे ज्यादा भारतीय तो बांग्लादेशी घुसपैठिये बन गए हैं। ये न सिर्फ फर्जी वोटर बनकर सत्ता के खेल में शामिल हो रहे हैं, बल्कि आतंक की नर्सरी भी चला रहे हैं। ये घुसपैठिये बांग्लादेश से आकर फर्जी पहचान पत्र, वोटर कार्ड, बैंक अकाउंट और पासपोर्ट तक बनवा ले रहे हैं और जिहाद के नाम पर खतरनाक खेल भी खेल रहे हैं।

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विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) पर मचे सियासी शोर के बीच यह सच इतना खतरनाक है, जिसे जानकर आप भी दहशत में आ जाएंगे। पश्चिम बंगाल से घुसपैठ कर उस राज्य के साथ-साथ पड़ोसी असम से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में जिहाद का व्याकरण रच रहे हैं। वह भी मस्जिद, मदरसे और इमामों की आड़ में। अमर उजाला को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिससे एसआईआर ही नहीं, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अहमियत भी स्पष्ट हो जाती है। ये घुसपैठिये सिर्फ संसाधन ही नहीं लूट रहे, बल्कि देश के नीचे एक ऐसा डायनामाइट बिछा रहे हैं, जिसे पहचाना नहीं गया तो परिणाम घातक हो सकते हैं। इस चक्रव्यूह को गैरजिम्मेदार राजनीति मजबूत कर रही है। कुछ किरदारों और केस स्टडी के जरिये इस साजिश की परतें उधेड़ते हैं।

 

 जमात-उल-मुजाहिदीन के सरगना फैला रहे दहशतगर्दी

रहमतुल्लाह शेख उर्फ बुरहान- जेएमबी का सरगना 
 बांग्लादेश के नारायणगंज का रहने वाला रहमतुल्लाह शेख आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन का सरगना है। भारत में बुरहान शेख बनकर घुसा। फर्जी वोटर कार्ड (AEM1933928), पैन कार्ड (EXMPS5148J) के साथ पासपोर्ट तक के लिए आवेदन किया। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मुकिमनगर मदरसे से धार्मिक उन्माद फैलाता था। 2014 के बर्धमान ब्लास्ट की साजिश में पकड़ा गया। एनआईए ने यूएपीए के तहत केस दर्ज किया। अब जेल में सड़ रहा है।


 

अब्दुस सोबुर खान हसन- बम विशेषज्ञ का फर्जी साम्राज्य 
विस्फोटक बनाने में सक्रिय...जमात का पूर्व भारत अमीर, सोहैल, नासिरुल्लाह और शहादत जैसे कई फर्जी नामों से सक्रिय। बर्धमान के सिमुलिया मदरसे में विस्फोटक बनाता था। साथ ही ट्रेनिंग भी देता था। उसके पास प. बंगाल के नदिया जिले का वोटर कार्ड (THC1225903) शहादत के नाम से है। एनआईए के कई केस, अब बांग्लादेश जेल में बंद।

 
 

 



 

अलकायदा के 6 जिंदा कारतूस: घुसपैठ से आतंक की फैक्ट्री 

इकरामुल होक्यू उर्फ नूर हौसैन
अलकायदा का वरिष्ठ कमांडर....बांग्लादेश से पर्यटक वीजा पर आया। देवबंद में पढ़ाई के बहाने भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा का संगठन एक्यूआईएस चलाया। फर्जी पासपोर्ट (U9977329), आधार (250581816166), वोटर आईडी (UGR2767473), पैन (BIVPH5642D) और बैंक अकाउंट कूच बिहार से बनवाया। पत्नी के लिए भी फर्जी दस्तावेज तैयार करवाया। असम, बंगाल, यूपी और उत्तराखंड में आतंकी साजिशें रचीं। भारतीय एजेंसियों के पहुंचने से पहले अप्रैल, 2022 में बांग्लादेश भाग गया। वहां मई, 2023 में उसे बांग्लादेश की काउंटर टेररजिज्म एंड ट्रांसनेशनल क्राइम एजेंसी (सीटीटीसी) ने पकड़ा। 


 


 

मोहम्मद उर्फ अब्दुल रहमान
भर्ती का मास्टरमाइंड...प. बंगाल में अब्दुल रहमान के नाम पर फर्जी आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन और बैंक अकाउंट बनवा एक्यूआईएस में भर्तियां करता था। कूच बिहार में कट्टरवादी प्रचारकों से मिलता था। हावड़ा में आखिरी बार देखा गया। सासन थाने में एफआईआर दर्ज है। यह भारत में अलकायदा के शीर्ष नेताओं में से एक था। उसे मोहम्मद या अब्दुल समद के रूप में भी जाना जाता था। मद उर्फ रहमान ने दक्षिण 24 परगना और हावड़ा में एक्यूआईएस यानी भारतीय उपमहाद्वीप वाले अलकायदा में लोगों की भर्ती की। कूच विहार में बांग्लादेश के कट्टर इस्लामी प्रचारक सैफुल्लाह उर्फ सागिर बिन इमदाद के साथ चंग्रबंधा में बैठक भी की।


 



 

हमीदुल्लाह उर्फ राजू गाजी
इमाम की आड़ में जिहाद... ढाका का निवासी, चामेद अली मुफ्फाकिर जैसे फर्जी नामों से सक्रिय। असम के मथुरापुर से आधार और वोटर कार्ड, पैन व बैंक अकाउंट बनवाया। दक्षिण दिनाजपुर की मस्जिद में इमाम बनकर अंडरकवर ऑपरेशन। देवबंद और नेपाल से कनेक्शन। सासन थाने में कई मुकदमे। अपने एक करीबी अब्दुल रक़ीब सरकार के साथ कई बार नेपाल भी गया। इसके ख़िलाफ़ भी बरासात जिले के सासन थाने में कई मुकदमें दर्ज हैं।


बोसीरुल इस्लाम उर्फ मिनाजुल
पासपोर्ट से शादी तक की साजिश :
पश्चिम बंगाल में घुसपैठ कर आतंकवाद की नर्सरी पनपाने का खतरनाक खेल कैसे चल रहा है, इसका नमूना है बांग्लादेशी बोसीरुल इस्लाम उर्फ ओमर। अलकायदा से जुड़े इस शख्स ने मिनाजुल मिया के नाम से न सिर्फ आधार, पैन, वोटर कार्ड, बल्कि पासपोर्ट (V0972807) भी बनवा लिया। 24 दक्षिण परगना में भर्तियां करवाईं, असम में शादी रचाई। बांग्लादेश में छापे से भागा, लेकिन पत्नी गिरफ्तार। भारत में दमदम जेल में बंद, सासन थाने में एफआईआर।



 



 

मोयाज उर्फ छईपुद्दीन मिया
मस्जिद से भारत विरोधी मिशन :
फर्जी पासपोर्ट (U8204922), आधार, वोटर कार्ड और पैन। कूच बिहार के एक गांव की वकीता मस्जिद में इमाम बनकर साजिशें रचता था। अलकायदा के मोयाज ने स्थानीय महिला से शादी भी की। एक्यूआईएस सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश भागा। सासन थाने में गंभीर केस।

 





 
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अंसार-अल-इस्लाम...घुसपैठ का नया गेटवे
शाद रदी उर्फ अशाब शेख
बांग्लादेश के धर्मपुर से घुसा, मुर्शिदाबाद में बसा। फर्जी पासपोर्ट (B9478972), ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी बनवाया। प. बंगाल और असम में अंसार-अल-इस्लाम चलाता था। देवबंदी जिहादियों से संपर्क। असम टास्क फोर्स ने गिरफ्तार किया। ढाका की जामा मस्जिद का इमाम। जिहादी देवबंदी जसीमुद्दीन के करीबी से संबंध।


 


 




ये सिर्फ कुछ बानगी हैं। सभी किरदार साबित करते हैं कि घुसपैठ सिर्फ बॉर्डर की समस्या नहीं, बल्कि अंदरूनी जिहादी नेटवर्क का हिस्सा है। राजनीति के शोर में ये सच्चाई दब रही है कि एसआईआर तो आवश्यक है, लेकिन उसके साथ ही एनआरसी उससे भी ज्यादा जरूरी है। सुरक्षा एजेंसियों ने इन तथ्यों को केंद्र और तमाम राज्य सरकारों के साथ भी साझा किया है। मगर वोट चोर, गद्दी छोड़ या शिनाख्त के नाम पर जिस तरह से पूरे देश में हल्ला मचता है, उसमें ये बातें पीछे जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों की चिंता इसको लेकर लगातार बढ़ रही है। वे मान रही हैं कि आने वाले दिनों में चुनौतियां और कड़ी हैं। इसलिए कुछ सख़्त फ़ैसले राजनीति से इतर जल्द लिया जाना तय है… क्योंकि सवाल हमारी-आपकी और देश की सुरक्षा का है। 

 
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